मुंबई | अंडर-19 विश्व कप में रिकॉर्ड छठी बार खिताबी जीत दर्ज कर स्वदेश लौटी भारतीय टीम का रविवार को मुंबई एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों और ‘इंडिया-इंडिया’ के नारों के बीच प्रशंसकों ने अपने युवा नायकों का अभिनंदन किया। कप्तान आयुष म्हात्रे और फाइनल के हीरो वैभव सूर्यवंशी को देखते ही एयरपोर्ट परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भारत ने जिम्बाब्वे के हरारे में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ ही भारत ने अंडर-19 क्रिकेट में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए दुनिया को अपनी भविष्य की प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
एयरपोर्ट पर मौजूद कप्तान आयुष म्हात्रे की मां जागृति म्हात्रे ने अपने बेटे की आरती उतारकर पारंपरिक स्वागत किया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि आयुष को बचपन से ही क्रिकेट का जुनून था और सालों की तपस्या का फल आज पूरे देश के सामने है। आयुष के पिता योगेश म्हात्रे ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके पास इस गौरवशाली पल को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। वहीं, फाइनल में मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के परिवार ने भी इसे ‘सपना सच होने जैसा’ बताया। अजेय रहते हुए खिताब जीतने वाली इस युवा टीम के हर खिलाड़ी के घर आज दिवाली जैसा माहौल है।
भारतीय टीम की इस अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए बीसीसीआई (BCCI) ने पूरी टीम और सहयोगी स्टाफ के लिए 7.5 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि चूंकि वर्तमान में भारत और श्रीलंका की मेजबानी में सीनियर टी20 विश्व कप चल रहा है, इसलिए युवा टीम के लिए विशेष सम्मान समारोह की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। ऋषिकेश कानिटकर के मार्गदर्शन में टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया और सुपर सिक्स में पाकिस्तान को हराकर अपने इरादे साफ कर दिए थे। अब सभी खिलाड़ी अपने-अपने गृह नगर के लिए रवाना हो गए हैं, जहाँ स्थानीय स्तर पर भी उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की गई हैं।

