जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन में उद्धव ठाकरे शामिल हुए। अभिजीत दीपके के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए उन्होंने सरकार पर बड़ा हमला बोला और सरकार बदलने की मांग की।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। देश भर से नेता और अभिनेता इस आंदोलन के समर्थन में सामने आ रहे है। इसी बीच महाराष्ट्र से शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी मंगलवार देर रात जंतर-मंतर पहुंच गए। उद्धव ठाकरे ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ प्रदर्शन का समर्थन किया और उसमें हिस्सा लिया।
जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन स्थल पर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, “मैं यहां भाषण देने नहीं, बल्कि युवा शक्ति के सामने सिर झुकाने आया हूं। यह चिंगारी बुझने वाली नहीं है। शायद आजादी के बाद पहली बार हम देख रहे हैं कि सरकार देश के भविष्य पर लाठीचार्ज कर रही है। आप इस देश का भविष्य हो। मैं उस इंसान का धन्यवाद करता हूं, जिसने इस युवा को कॉकरोच कहकर इस चिंगारी को आग दी। यह देश कॉकरोच का देश नहीं है।”
सरकार बदलनी चाहिए – उद्धव
उद्धव ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “जरा याद करो कुर्बानी… यह गाना हमेशा याद रखो। लोगों की कुर्बानियों के बिना हमें आजादी नहीं मिल सकती थी। अंग्रेज उन्हें आतंकवादी समझते थे। अब मुझे लगता है कि जो लोग आपको आतंकवादी समझते हैं, क्या वे विदेश से आए हैं?”
उद्धव ठाकरे ने कहा, “सिर्फ एक व्यक्ति यानी धर्मेंद्र प्रधान को हटाने से कुछ हासिल नहीं होगा, सरकार बदलनी चाहिए। जिन्होंने बांटने की कोशिश की, वह दीवार टूट चुकी है। इस आंदोलन की चिंगारी बुझनी नहीं चाहिए। महाराष्ट्र ने भी इसकी शुरुआत की है। पूरा महाराष्ट्र आप लोगों के साथ है। एक राष्ट्र, एक भावना है। हम साथ रहेंगे।”
प्रधानमंत्री आवास पर विपक्ष का धरना प्रदर्शन
आपको जानकारी दें, कि सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद मंगलवार को विपक्ष के नेताओं ने संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला और फिर प्रधानमंत्री आवास के सामने ही धरने पर बैठ गए। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत कर धरना समाप्त कराने पहुंचे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने नेताओं को वहां से हटा दिया। दिल्ली पुलिस प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को अपने साथ अलग-अलग स्थानों पर ले गई और धरना समाप्त कराया। देर रात इन सभी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया।
