
जबलपुर। जिला बार एसोसिएशन चुनाव में बैलेट पेपर पर पहले से सील लगे होने के आरोपों के बाद उपजे विवाद पर एमपी स्टेट बार काउंसिल ने बड़ा फैसला लिया है। परिषद ने सोमवार को हुई अधूरी मतदान प्रक्रिया को निरस्त करते हुए नए सिरे से निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव कराने के लिए सात सदस्यीय तदर्थ समिति गठित कर दी है। समिति अब मतदाता सूची से लेकर नामांकन, मतदान और मतगणना तक संपूर्ण प्रक्रिया संचालित करेगी। यह आदेश महाधिवक्ता व एमपी स्टेट बार काउंसिल के पदेन अध्यक्ष प्रशांत सिंह की स्वीकृति के बाद जारी किया गया।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को मतदान के दौरान कुछ बैलेट पेपर पर पहले से सील लगी होने की शिकायत सामने आने पर बार परिसर में हंगामा मच गया था। विवाद बढऩे पर मतदान बीच में ही रोकना पड़ा। मामला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णमूर्ति मिश्रा के संज्ञान में पहुंचा, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मतपेटियां सीज कर सुरक्षित रखवाई गईं। घटनाक्रम के बीच निर्वाचन अधिकारी जीएस ठाकुर ने स्वयं को निर्वाचन कार्य से दायित्वमुक्त करने की घोषणा भी कर दी थी। घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए स्टेट बार काउंसिल ने पूर्व निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त कर तदर्थ समिति को संपूर्ण चुनाव कराने का अधिकार सौंप दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समिति स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराएगी।
तदर्थ समिति के अध्यक्ष बनाये गये दिनेश उपाध्याय-
तदर्थ समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय बनाए गए हैं, जिन्हें पूर्व में हाईकोर्ट बार चुनाव दो बार निविर्वाद सम्पन्न कराने का अनुभव है। कमेटी के सदस्यों में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रहलाद चौधरी, राजकुमार दुबे, संपूर्ण तिवारी, अभय सिंह ठाकुर, प्रवीण चतुर्वेदी व अरविंद कुमार चौधरी शामिल हैं। समिति को जिला बार एसोसिएशन का चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
