
मुंबई, 21 जुलाई (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक की परिसंपत्ति प्रबंधन इकाई एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड मंगलवार को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध हो गयी। कंपंनी का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 14 जुलाई को खुला था और 16 जुलाई तक उपलब्ध था। आईपीओ के लिए 41.66 गुना बोली लगी थी। एसबीआई ने मंगलवार को शेयर बाजार की दी जानकारी में कहा है कि यह एसबीआई फंड्स के व्यवसाय मॉडल, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, निवेश क्षमता और दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं पर निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों, खुदरा निवेशकों, शेयरधारकों तथा कर्मचारियों की व्यापक भागीदारी यह साबित करती है कि निवेशक समुदाय को न केवल एसबीआई फंड्स बल्कि देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा पर भी पूरा भरोसा है।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के अध्यक्ष चला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने कहा, “एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का सूचीबद्ध होना कंपनी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उन लाखों निवेशकों के विश्वास का प्रतीक है, जिन्होंने वर्षों से हम पर भरोसा जताया है।”
एसबीआई फंड्स भारतीय स्टेट बैंक और फ्रांस की कंपनी अमुंडी की संयुक्त उद्यम वाली कंपनी है। यह इक्विटी, डेट, हाइब्रिड और परोक्ष निवेश समाधानों की व्यापक श्रृंखला का प्रबंधन करती है।
अमुंडी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी वैलेरी बोडसन ने कहा, “एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड का सफलतापूर्वक सूचीबद्ध होना कंपनी के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह एसबीआई के साथ हमारी दीर्घकालिक साझेदारी की मजबूती और प्रासंगिकता का उत्कृष्ट उदाहरण है। वर्षों से एसबीआई और अमुंडी ने मिलकर देश का अग्रणी परिसंपत्ति प्रबंधन प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसमें एसबीआई की मजबूत वितरण क्षमता और बाजार में अग्रणी स्थिति को परिसंपत्ति प्रबंधन में अमुंडी की विशेषज्ञता के साथ जोड़ा गया है।” सुश्री बोडसन ने एसबीआई फंड्स के आईपीओ को महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए विश्वास जताया कि यह कंपनी के विकास लक्ष्यों को नयी गति प्रदान करेगा। अब यह विस्तार के एक नये चरण में प्रवेश कर रही है।
