जबलपुर: एमबीबीएस में एक अतिरिक्त मर्सी अटेम्प्ट की मांग करने के मामले में जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर के रजिस्ट्रार और नेशनल मेडिकल कमीशन के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।खंडवा निवसी अब्दुल परवेज खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि एमबीबीएस के प्रथम वर्ष में चौथा प्रयास अंतिम प्रयास होता है।
यदि कोई छात्र प्रथम वर्ष में उत्तीर्ण नहीं होता है तो उसे एमबीबीएस पाठ्यक्रम छोडऩा पड़ता है। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता 60 फीसदी दिव्यांग है। मेरिट में स्थान पाने पर उसे इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिया गया। एनोटॉमी विषय में अनुत्तीर्ण होने के कारण उसे दूसरे वर्ष में प्रवेश नहीं दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई कि उसे एक कर्सी अटेम्प्ट की अनुमति दी जानी चाहिए, नहीं तो उसका कैरियर बर्बाद हो जायेगा। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
