शक्ति नगर, सोनभद्र।
स्थानीय शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर, शक्ति नगर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं आस्था का केंद्र है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से वर्षभर श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री दर्शन-पूजन के लिए यहां आते हैं। आगामी श्रावण मास को देखते हुए प्रतिदिन बड़ी संख्या में कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है।
मंदिर के सामने स्थित प्राचीन मार्ग के समीप एनटीपीसी सिंगरौली तृतीय चरण विस्तार परियोजना द्वारा निर्माण कार्य हेतु बनाए गए मटेरियल यार्ड के कारण क्षेत्र में भारी वाहनों, ट्रकों, ट्रेलरों एवं बल्क कैरियरों का आवागमन लगातार बढ़ गया है। आरोप है कि ये भारी वाहन मंदिर परिसर के पार्किंग स्थल में खड़े कर दिए जाते हैं तथा मार्ग को अवरुद्ध कर देते हैं, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर पार्किंग में खड़े वाहनों के चालक खुलेआम मांस एवं मदिरा का सेवन करते हैं, जिससे धार्मिक स्थल की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में मंदिर के तीर्थ पुरोहित पंडित वेदांती मिश्रा द्वारा पूर्व में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के उपरांत स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पार्किंग से वाहनों को हटवाया था, किंतु परियोजना प्रबंधन की लापरवाही के कारण पुनः भारी वाहन मंदिर परिसर एवं पार्किंग क्षेत्र में खड़े किए जाने लगे हैं।
मंदिर के तीर्थ पुरोहितों एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने परियोजना प्रबंधन से पूर्व में निर्मित, किंतु वर्तमान में बंद पड़े वैकल्पिक मार्ग को पुनः चालू करने का आग्रह किया था, ताकि निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों का आवागमन उसी मार्ग से हो सके और तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
वर्तमान स्थिति में मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग एवं प्राचीन मार्ग पर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही तथा मंदिर पार्किंग में ट्रक-ट्रेलरों के खड़े रहने से श्रद्धालुओं, महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
क्षेत्रीय नागरिकों एवं मंदिर पुजारी परिवार ने एनटीपीसी परियोजना प्रबंधन, जिला प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर एवं पार्किंग क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश एवं पार्किंग पर तत्काल रोक लगाई जाए, वैकल्पिक मार्ग को शीघ्र संचालित किया जाए तथा श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए।
