उन्नाव, 20 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के उन्नाव नगर में सोमवार को करीब चार घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था और नाला-नालियों की सफाई के दावों की पोल खोल दी। भारी वर्षा के चलते शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए, जबकि दर्जनों दुकानों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बारिश का पानी भर जाने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार सोमवार सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुई तेज बारिश दोपहर बाद तक लगातार जारी रही। समय पर नालों और नालियों की सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और देखते ही देखते नगर के कई हिस्से जलमग्न हो गए।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में उन्नाव-हरदोई मार्ग, नानामऊ रोड, संडीला रोड, लखनऊ रोड, स्टेशन रोड, अस्पताल रोड और सिद्धार्थ नगर रोड शामिल रहे। उन्नाव-हरदोई मार्ग पर नानामऊ तिराहे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित रहा और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नौनिहालगंज बाजार और चूड़ी वाली गली में जलभराव की स्थिति अत्यंत गंभीर रही। चूड़ी वाली गली में कमर तक पानी भर जाने से पूरा क्षेत्र तालाब में तब्दील हो गया। बारिश का गंदा पानी बाजार की दर्जनों दुकानों में घुस गया, जिससे कपड़ा, रेडीमेड गारमेंट्स, परचून और अन्य सामान भीगकर खराब हो गया। व्यापारियों ने लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
व्यापारियों जयशंकर गुप्ता, रामकुमार गुप्ता, श्यामलाल, अंकित और श्रीराम गुप्ता सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि नगर की जल निकासी व्यवस्था की अनदेखी का खामियाजा हर वर्ष उन्हें भुगतना पड़ता है। बारिश का सबसे गंभीर असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पड़ा। अस्पताल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया और इमरजेंसी कक्ष, ओपीडी, भर्ती वार्ड तथा चिकित्सकों के आवासों में लगभग दो फुट तक गंदा पानी भर गया। जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों को पूरे दिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई मरीज वार्डों में ही फंसे रहे।
अस्पताल परिसर में पानी भरने से चिकित्सकों के आवास भी प्रभावित हुए। विशेष रूप से डॉ. सुनील राठौर के आवास में कीचड़युक्त पानी घुसने से फर्नीचर, बिस्तर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरदोई-उन्नाव मार्ग पर जलभराव के कारण बड़े वाहनों के गुजरने पर पानी की तेज लहरें अस्पताल परिसर तक पहुंचती रहीं, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। इस संबंध में पूर्व में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।
नागरिकों, व्यापारियों और अस्पताल कर्मियों ने जिला प्रशासन तथा नगर पालिका से तत्काल प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अस्पताल परिसर में लंबे समय तक जलभराव रहने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।
