परमाणु निरीक्षण पर ट्रंप का दावा, ईरान ने किया खंडन

वाशिंगटन, 23 जून (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि ईरान भविष्य में लंबे समय तक उच्चतम स्तर के परमाणु निरीक्षण की अनुमति देने पर पूरी तरह सहमत हो गया है, हालांकि ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मिसाइल कार्यक्रम और हालिया हमलों में क्षतिग्रस्त परमाणु स्थलों का निरीक्षण अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को करने देने पर कोई बातचीत नहीं हुई है।

श्री ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने “भविष्य में अनिश्चित काल तक उच्च स्तरीय परमाणु निरीक्षण” स्वीकार कर लिया है, जिससे “परमाणु पारदर्शिता” सुनिश्चित होगी। उन्होंने दावा किया कि यदि ईरान इस पर सहमत नहीं होता तो आगे कोई वार्ता संभव नहीं थी।

श्री ट्रंप ने कहा, “उनके विरोध और इसके उलट झूठे बयानों के बावजूद ईरान भविष्य में लंबे समय तक (हमेशा के लिए) सबसे ऊंचे स्तर के परमाणु निरीक्षणों के लिए पूरी तरह से सहमत हो गया है। इससे ‘परमाणु ईमानदारी’ सुनिश्चित होगी। अगर वे इसके लिए सहमत नहीं होते, तो आगे कोई बातचीत नहीं होती।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की ओर से “बड़े समझौतों” के बाद उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर सहमति दी है, हालांकि अमेरिकी नौसैनिक बल क्षेत्र में तैनात रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर नाकेबंदी फिर लागू की जा सकती है।

श्री ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा जारी की जा रही धनराशि और प्रतिबंधों में राहत को एस्क्रो व्यवस्था के तहत नियंत्रित किया जाएगा तथा इसका उपयोग केवल खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की खरीद के लिए होगा। उन्होंने कहा कि यह धन अमेरिकी किसानों से मक्का, गेहूं और सोयाबीन खरीदने में इस्तेमाल किया जायेगा।

श्री ट्रंप ने कहा, “ये ऐसी चीज़ें हैं जिनकी ईरान को बहुत ज़्यादा ज़रूरत है। यह एक मानवीय संकट है और मुझे लगता है कि बहुत देर होने से पहले अभी मदद करना ज़रूरी है। बातचीत अच्छी चल रही है।”

श्री ट्रंप ने यह भी दावा किया कि सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से 1.9 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हुई, जो एक रिकॉर्ड है। उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ हुई वार्ता में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, “ईरान की मिसाइल क्षमताएं अमेरिका के साथ बातचीत का हिस्सा नहीं थीं।”

श्री बघाई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान उन परमाणु स्थलों का निरीक्षण आईएईए को नहीं करने देगा, जिन्हें हालिया ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान निशाना बनाया गया था। उन्होंने आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी और ईरानी अधिकारियों के बीच किसी बैठक की खबरों को भी खारिज कर दिया।

वित्तीय मामलों पर श्री बघाई ने कहा कि यदि ईरान की जब्त संपत्तियां जारी की जाती हैं तो उनके उपयोग पर कोई बाहरी प्रतिबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा और ईरानी प्रशासन को उन निधियों के इस्तेमाल का पूरा अधिकार होगा।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि किसी भी समझौते का क्रियान्वयन अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रीय अधिकारों के दायरे में होना चाहिये। उन्होंने कहा कि वार्ता की सफलता सहमत दायित्वों के पूर्ण और सटीक पालन पर निर्भर करेगी।

श्री पेजेशकियान ने कहा, “बातचीत की कामयाबी इस बात पर निर्भर करती है कि तय की गयी ज़िम्मेदारियों को पूरी तरह माना जाये और उन्हें ठीक-ठीक लागू किया जाये। इस दिशा में हुई प्रगति को स्वीकार की गयी ज़िम्मेदारियों के व्यावहारिक पालन से मापा जायेगा। तय किये गये टेक्स्ट से हटकर दिये गये बयान बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करते हैं।”

 

 

 

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