
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश की नाफरमानी के मामले को सख्ती से लिया है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने मामले में छतरपुर कलेक्टर को 10 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के निर्देश दिये है।
यह मामला छतरपुर निवासी देवकीनंदन वर्मा की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता अभय पांडे ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2024 को कलेक्टर छतरपुर को आदेश दिए थे कि 60 दिन के भीतर याचिकाकर्ता को ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। दरअसल, ग्रेच्युटी ट्रिब्यूनल ने याचिकाकर्ता के पक्ष में ग्रेच्युटी भुगतान का आदेश दिया था। इसके लिए आरआरसी जारी की गई थी, जिसका निष्पादन कलेक्टर को करवाना था। कलेक्टर द्वारा आदेश का पालन नहीं कराने पर अवमानना याचिका दायर की गई। अवमानना याचिका में हाईकोर्ट ने 7 अगस्त को कलेक्टर को उक्त आदेश का पालन कर रिपोर्ट पेश करने कहा था, इसके साथ ही न्यायालय ने कहा था कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो एक सितंबर को कलेक्टर को हाजिर होना पड़ेगा। मामले पर सुनवाई के दौरान रिपोर्ट पेश नहीं की और न ही कलेक्टर हाजिर हुए। इस पर न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए 10 सितंबर को कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के निर्देश दिये है।
