
मुलताई। पवित्र नगरी में आषाढ़ मास की शुक्ल सप्तमी पर सोमवार को मां ताप्ती का जन्मोत्सव आस्था,हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर करीब 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां ताप्ती की पूजा अर्चना कर ताप्ती सरोवर कि परिक्रमा की।ताप्ती तट स्थित मंदिरो एवं परिक्रमा मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया गया। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा व्यवस्था बनाई गई। ताप्ती तट सहित नगर के प्रत्येक मार्ग पर भीड़ का यह आलम था कि जिस और देखो इस और भीड़ नजर आ रही थी, आसपास के जिलों सहित गुजरात के सूरत अमरोली, महाराष्ट्र के जलगांव, मोवीदा, टाकरखेड़ा, अमलनेर ,उमरदा, तारणखेड़ा, गुजरात के सेवादार शामिल हुए।जन्मोत्सव पर सुबह से ही कार्यक्रम प्रारम्भ हो गए थे। मां ताप्ती तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्यों द्वारा सुबह महा आरती घाट से दण्डवत परिक्रमा की। वही मां तोटी ट्रस्ट एवं जन्मोत्सव समिति द्वारा मा ताप्ती मंदिर मे वैदिक विधि विधान से पूजा अर्चना की। जिसके बाद सुबह 9 बजे ताप्ती सरोवर के मध्य स्थित खम्बे पर ध्वज फहराया गया। दोपहर 12 बजे मां ताप्ती मंदिर में मां ताप्ती के जन्म हुआ एवं आरती की गई जिसके बाद मातारानी को छप्पन भोग लगाए गए।वहीं 12 बजे ताप्ती सेवा मंडल द्वारा 51 साड़ियों की चुनरी अर्पित की गई।कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन में व्यवस्थाओ का जायजा लिया।
शोभायात्रा में देवी देवताओं की झाकिया रही आकर्षण का केंद्र
पवित्र नगरी में जन्मोत्सव के अवसर पर विशाल शोभयात्रा निकाली गई, जिसमे ग्रामो से आई भजन मंडलियों एवं दिंडी शामिल हुई था,शोभायात्रा में मां ताप्ती,महादेव पार्वती, रामदरबार, हनुमानजी सहित विभिन्न देवी देवताओं की चलित झाकिया डीजे एवं बाजे गाजे कद साथ शामिल हुई शोभायात्रा रेल्वे स्टेशन रोड से होते हुई फव्वारा चौक, नागपुर नाका, गांधी चौक, से थाना रोड होते हुए वापस ताप्ती सरोवर पहुंचकर समाप्त हुई,जिसके बाद ताप्ती सेवा मंडल के साथ सभी श्रद्धालुओ द्वारा सरोवर के सभी घाटों पर महाआरती की गई,आरती के बाद सरोवर के बीच रंगीन आतिशबाजी की गई।
जगह जगह हुए भंडारे
ताप्ती जन्मोत्सव पर नगर में हऱ सड़क एवं गलियों में भी भण्डारो का आयोजन किया गया। नगर में करीब डेढ़ सौ भंडारे आयोजित हुए,हजारों श्रद्धालुओं द्वारा भंडारा प्रसादी ग्रहण की।
