चेकडैम गड़बड़ी पर कठदहा के बाद सितुलखुर्द पर शिकंजा

सिंगरौली । जिले के पंचायतों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और शासकीय राशि के उपयोग को लेकर जिला पंचायत सिंगरौली ने सख्त रुख अपनाया है। नवभारत की लगातार प्रकाशित खबरों का असर अब कार्रवाई के रूप में सामने आने लगा है।

जनपद पंचायत देवसर की ग्राम पंचायत कठदहा में चेकडैम निर्माण में अनियमितता के बाद कार्रवाई की गई थी, वहीं अब जनपद पंचायत बैढ़न की ग्राम पंचायत सितुलखुर्द अंतर्गत नौठिया ग्राम में निर्माणाधीन चेकडैम के मामले में सरपंचए सचिव और उपयंत्री पर कार्रवाई की गई है। नौढ़िया गांव मामले को नवभारत ने 29 अगस्त को प्रमुखता से प्रकाशित कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और बिना मूल्यांकन राशि आहरण का मुद्दा उठाया था।

कठदहा में घधिया नाला पर 15वें वित्त मद से बनाए गए चेकडैम के गुणवत्ताविहीन निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट के बाद जिला पंचायत ने 9 जुलाई को पंचायत सचिव बिहारीलाल साकेत को निलंबित कर दिया था। सरपंच दिलशरण सिंह और उपयंत्री सतीश पटेल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर 3 सितंबर को सरपंच के विरुद्ध पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत प्रकरण दर्ज कर 2 लाख 4 हजार 252 रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया गया। वहीं निलंबित सचिव के विरुद्ध धारा 92 के तहत प्रकरण संस्थित कर 2 लाख 4 हजार 251 रुपये अधिरोपित किए गए। उपयंत्री के आगामी माह के मानदेय पर भी रोक लगाई गई है।

सरपंच के विरूद्ध शुरू हुई धारा 40 की कार्रवाई

इसी कड़ी में अब सितुलखुर्द के नौढ़िया ग्राम में कार्रवाई हुई है। लौआ नाला में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना से 23.30 लाख रुपये की लागत से चेकडैम निर्माण स्वीकृत था। क्षेत्रीय उपयंत्री की 29 अगस्त की निरीक्षण रिपोर्ट में कार्य के अत्यधिक बारिश से क्षतिग्रस्त होने तथा बिना मूल्यांकन 7.37 लाख रुपये आहरित किए जाने की बात सामने आई। मामले में 31 अगस्त को सरपंच, सचिव और उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 3 सितंबर को हुई सुनवाई में जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर सरपंच राजकुमारी साकेत के विरुद्ध धारा 40 के तहत प्रकरण दर्ज कर 3 लाख 68 हजार 500 रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया गया। सचिव शिवकुमार सिंह के विरुद्ध धारा 92 के तहत प्रकरण संस्थित कर इतनी ही राशि अधिरोपित की गई और उन्हें निलंबित कर दिया गया। वहीं उपयंत्री राकेश शाह के आगामी माह के मानदेय पर रोक लगाते हुए उनकी जिम्मेदारी को लेकर सीईओ जनपद पंचायत बैढ़न से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। कठदहा के बाद नौढ़िया में हुई इस कार्रवाई को पंचायत निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनियमितता के खिलाफ जिला पंचायत की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

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