
जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल में 24 से 30 अगस्त के बीच रेलवे सुरक्षा बल ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’, ऑपरेशन यात्री सुरक्षा और ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत सात मामलों में त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। अभियान में जबलपुर स्टेशन पर अलग- अलग दिनों में अकेले मिले पांच बच्चों को सुरक्षित संरक्षण दिया गया। इनमें दो नाबालिगों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद शासकीय बाल गृह भेजा गया, जबकि तीन बच्चों को सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के बाद उनके परिजनों से मिलाया गया। आरपीएफ की सतर्कता से बिछड़े बच्चों को सुरक्षित सहारा मिला और परिवारों को उनकी खुशियां वापस मिलीं।
चोरी पर शिकंजा, अपराधियों पर कार्रवाई
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत जबलपुर और सतना में RPF ने चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ा। जबलपुर में दिनेश वानसकर उर्फ घिटला के कब्जे से तीन चोरी के मोबाइल फोन और 2200 रुपए नकद समेत करीब 60,200 रुपए की संपत्ति बरामद हुई। वहीं सतना में सोमू यादव उर्फ नितिन उर्फ करिया को चोरी के मोबाइल और नकदी के साथ पकड़ा गया। जांच में उसके खिलाफ 36 से अधिक मामले सामने आए, साथ ही कई स्थायी वारंट लंबित पाए गए। दोनों आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंप दिया गया।
खोई अमानत पहुंची हकदारों तक
ऑपरेशन अमानत के तहत कटनी में ट्रेन में छूटा यात्री का बैग बरामद कर उसे सुरक्षित लौटाया गया, जबकि सागर में रेल मदद 139 से मिली सूचना पर RPF ने महिला यात्री का छूटा थैला बरामद किया। जांच में थैले में करीब 95 हजार रुपए मूल्य के आभूषण, बैंक पासबुक, एटीएम, पैन कार्ड समेत अन्य सामान सुरक्षित मिला, जिसे सत्यापन के बाद यात्री के प्रतिनिधि को सौंप दिया गया।
