नई दिल्ली, संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन आज सोमवार को कांग्रेस के लोकसभा सांसदों ने सीपीपी (CPP) कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में तय किए गए फैसलों के आधार पर अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप देना था। सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दल पूरी तरह से एकजुट नजर आ रहे हैं और उन्होंने सदन के भीतर विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी कर ली है।
स्थगन प्रस्ताव और प्रमुख मुद्दे
सत्र की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस सांसदों ने सरकार के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव के नोटिस दिए हैं। सांसद मणिकम टैगोर ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, एनटीए की कार्यप्रणाली और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, सांसद मनीष तिवारी ने दल-बदल विरोधी कानून के मापदंडों और अवसरवादी राजनीति को रोकने के लिए सदन का नियमित कामकाज रोककर गंभीर चर्चा कराने की मांग की है।
सरकार की अपील और सत्र का शेड्यूल
यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है। सरकार और विपक्ष दोनों के अपने एजेंडे हैं, ऐसे में जनहित के महत्वपूर्ण मामलों पर इस सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।

