नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के आरंभ के साथ ही राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया गया था। इस प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी।
लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों की हिरासत
रविवार रात से ही जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक जुटने लगे थे। सोमवार को जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर उन्हें वहां से खदेड़ दिया और कई प्रमुख लोगों को हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद से धरनास्थल पर तनाव का माहौल बना हुआ है।
छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर हजारों लोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और यह मामला संसद के भीतर भी गूंजने के पूरे आसार हैं।

