नई दिल्ली, संसद का मॉनसून सत्र आज सोमवार से आरंभ हो गया है, लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे के कारण लोकसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। सत्र के पहले दिन ही विपक्षी दलों ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, जिससे सदन में तीव्र गतिरोध देखने को मिला।
प्रधानमंत्री का संबोधन और अर्थव्यवस्था
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में पश्चिम एशिया के गंभीर संकट के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। हालांकि, दूसरी ओर विपक्ष ने नीट पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी और एथनॉल ब्लेंडिंग जैसे ज्वलंत मामलों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
सत्र का शेड्यूल और कार्ययोजना
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, यह मॉनसून सत्र 25 दिनों की अवधि तक चलेगा, जिसमें कुल 19 महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। सरकार का प्रयास इस सत्र के दौरान कई अहम विधेयकों को पारित कराने का है, जबकि विपक्ष हर मोर्चे पर तीखी बहस और जवाबदेही की मांग को लेकर अड़ा हुआ है।

