नई दिल्ली, संसद के मानसून सत्र के आरंभ से पूर्व मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब सदन में तर्कों और तथ्यों की प्रधानता होती है, तो वहां हंगामे या तूफान के लिए कोई स्थान नहीं बचता। प्रधानमंत्री ने विपक्षी सांसदों से आग्रह किया कि वे देशहित और सार्थक चर्चाओं को प्राथमिकता दें ताकि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके।
आर्थिक मजबूती और वैश्विक चुनौतियां
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि पश्चिम एशिया में जारी गंभीर संघर्ष और ऊर्जा सुरक्षा के तमाम संकटों के बावजूद भारत 7.7 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से उभरती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। यह उपलब्धि देश की आंतरिक शक्ति और आर्थिक सुदृढ़ता का स्पष्ट प्रमाण है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
रिफॉर्म एक्सप्रेस और युवाओं की सफलता
प्रधानमंत्री ने देश के विकास को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की गति बताते हुए हाल ही में शुरू की गई हाइड्रोजन ट्रेन, सेमीकंडक्टर प्लांट और अंतरिक्ष क्षेत्र में युवा स्टार्टअप्स (जैसे ‘स्काईरूट’) की ऐतिहासिक सफलताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज के युवा अपनी असीम क्षमताओं और वैज्ञानिक समर्पण के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

