नई दिल्ली: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और जलवायु संरक्षण अभियान से जुड़े सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर कानूनी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वांगचुक की पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से किसी अन्य उपयुक्त चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि लंबे समय से जारी अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
इधर, सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए 20 जुलाई को प्रस्तावित कार्यक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों और जनभागीदारी से जोड़ते हुए “आजादी का दूसरा आंदोलन” बताया। दूसरी ओर, प्रशासन और चिकित्सा विशेषज्ञ लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे उपवास की स्थिति में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है। मामले की अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी और न्यायालय आगे का निर्णय देगा।
