मुंबई, 09 फरवरी (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता आदर्श गौरव ने फिल्म तू या मैं में नालासोपारा के लोकल रैपर के किरदार की तैयारी के लिये कई प्रभावशाली कलाकारों से मुलाकात और बातचीत की, जिससे वह संगीत के पीछे की असल ज़िंदगी को समझ सकें। आदर्श गौरव ने अपनी आने वाली फिल्म तू या मैं में नालासोपारा के एक लोकल रैपर को पर्दे पर सच्चाई के साथ उतारने के लिए पूरी तरह खुद को झोंक दिया है। लिखी हुई स्क्रिप्ट से कहीं आगे जाकर, आदर्श ने मुंबई की अंडरग्राउंड हिप-हॉप संस्कृति को करीब से समझने के लिए काफी समय बिताया और इस सीन से जुड़े कई प्रभावशाली कलाकारों से मुलाकात और बातचीत की, ताकि संगीत के पीछे की असल ज़िंदगी को समझ सकें।
आदर्श ने शहर के अलग-अलग इलाकों, गोवंडी, नालासोपारा, कुर्ला, धारावी और अंधेरी का दौरा किया, जहां उन्होंने इंडिपेंडेंट हिप-हॉप मूवमेंट को आकार देने वाले अग्रणी रैपर्स से मुलाकात की, उन्हें देखा-समझा और उनके साथ जाम सेशन्स भी किए। इन अनुभवों ने उनके किरदार ‘मराठी’ की भावनात्मक, सांस्कृतिक और कलात्मक परतों को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई। अपने रैपर किरदार में पूरी तरह ढलने के लिए आदर्श ने फेशियल पियर्सिंग भी करवाया, जो उनके ऑन-स्क्रीन किरदारों में रियलिज़्म लाने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आदर्श गौरव ने कहा, “जब मैं तू या मैं से जुड़ा और मराठी के किरदार पर काम शुरू किया, तो मुझे बहुत जल्दी समझ आ गया था कि मैं इस किरदार को सिर्फ स्क्रिप्ट के ज़रिये नहीं समझ सकता। वह एक बहुत खास सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल से आता है, और उसके साथ न्याय करने के लिए मुझे उस दुनिया को समझना ज़रूरी था, जो उसकी आवाज़, उसकी रिदम और उसके एटीट्यूड को गढ़ती है।” आदर्श गौरव ने कहा, “मैं गोवंडी गया जहां विजय दादा से मिला, नालासोपारा में ग्रैविटी और शेक्सपीयर के साथ वक्त बिताया, कुर्ला में नेज़ी से मिला और धारावी जाकर अक्कू और 7 बंटाई से मुलाकात की। इसके अलावा मैंने ऐस, किंगा, निंजा और येडा अन्ना से भी मुलाकात की, और अंधेरी में लोका समेत इस सीन के कई पायनियर्स से मिला। ये सिर्फ औपचारिक मुलाकातें नहीं थीं।हमने साथ में जाम किया, ज़िंदगी, संगीत, संघर्ष और सपनों पर खुलकर बातें कीं।”
आदर्श गौरव ने कहा, “उनके बीच रहकर मुझे समझ आया कि उनकी भूख कहां से आती है, उनका साउंड अपने आसपास के माहौल से कैसे जुड़ा होता है और संगीत उनके लिए सिर्फ कला नहीं, बल्कि जीने, अपनी बात कहने और पहचान बनाने का ज़रिया है। ये सारे अनुभव अपने आप मराठी के किरदार को कागज़ से आगे ले गए। मैं चाहता था कि यह किरदार निभाया हुआ नहीं, बल्कि जिया हुआ लगे। इस पूरी प्रक्रिया ने मुझे अंडरग्राउंड रैप कम्युनिटी और उनकी ईमानदार क्रिएटिविटी के लिए गहरा सम्मान दिया है, और मुझे उम्मीद है कि वही सच्चाई पर्दे पर भी नज़र आएगी।”

