
जबलपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में जबलपुर के भंवरताल गार्डन में हजारों युवाओं ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और शांतिपूर्ण आंदोलनों के सम्मान की मांग करते हुए सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
वक्ताओं ने कहा कि अनशन जैसे अहिंसक और लोकतांत्रिक आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई उचित नहीं है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा की असहमति की आवाज को दबाने के बजाय लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा की सोनम वांगचुक लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण, हिमालयी क्षेत्रों की सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों के हितों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। ऐसे गंभीर विषयों पर सरकार को सकारात्मक पहल करते हुए सभी पक्षों से बातचीत करनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, अहिंसक आंदोलनों और जनहित के मुद्दों के समर्थन में एकजुट रहने का संकल्प लिया। साथ ही मांग की कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी बात को गंभीरता से सुना जाए।
आंदोलन का नेतृत्व सचिन गुप्ता, पवन शर्मा, अमित पलिया और पल्लव शुक्ला ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
