
वाशिंगटन/तेहरान, 18 जुलाई (वार्ता) ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमले अगले दो-तीन दिन और जारी रहे तो वह “पूर्ण सैन्य जवाबी कार्रवाई” का चरण शुरू करेगा। यह चेतावनी ऐसे समय आयी है जब अमेरिकी सेना ने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले करने की पुष्टि की है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि शुक्रवार रात की कार्रवाई में लड़ाकू विमान, ड्रोन और नौसैनिक संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए निगरानी केंद्रों, सैन्य रसद ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री क्षमताओं से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को और कमजोर करना था।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रातभर चले हमलों में फारस की खाड़ी और होरमुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित बंदर अब्बास, किश्म और लारक द्वीप प्रभावित हुए। बंदर अब्बास-हाजीआबाद राजमार्ग पर स्थित पुलों और एक सुरंग को भी निशाना बनाये जाने की खबर है। इस बीच, ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा कि यदि अमेरिकी हमले दो या तीन दिन और जारी रहे तो ईरान पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में “ईरान की जवाबी कार्रवाई से कोई भी राजनीतिक सीमा सुरक्षित नहीं रहेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान नागरिक ढांचे पर हमलों के लिए अमेरिका से आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग करेगा। अमेरिका ने इस आरोप को खारिज किया है।
यह चेतावनी ऐसे समय आयी है जब ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन पर भी हमले किये हैं। बहरीन की सेना ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने शनिवार तड़के ईरान के कई हवाई हमलों को विफल कर दिया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है और वहां पहले ही हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया था। कुवैत ने कहा कि मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका के बीच 12 घंटे के दौरान कई बार चेतावनी जारी की गई। देश ने कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जिसके कारण कुवैत एयरवेज को शनिवार की अधिकांश उड़ानों का समय बदलना पड़ा।
जॉर्डन के सरकारी मीडिया के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की 10 मिसाइलों को मार गिराया। सऊदी अरब ने भी दो स्थानों पर संक्षिप्त अवधि के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया, जिसे बाद में हटा लिया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि उसकी सेना ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों तथा सुविधाओं को निशाना बनाया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच, कतर ने दोनों देशों से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि तनाव कम करने के लिए गंभीर वार्ता आवश्यक है।
संयुक्त अरब अमीरात ने इराक में ईरानी हमले को उसकी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया, जबकि जॉर्डन ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन करार दिया। कुवैत ने भी बहरीन, कतर और जॉर्डन के खिलाफ ईरान की हालिया कार्रवाई की निंदा की। लगातार बढ़ते संघर्ष के बीच वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गयी हैं। यह ताजा घटनाक्रम 17 जून को दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के आधार पर लागू संघर्षविराम व्यवस्था के विफल होने के बाद सामने आया है। तेहरान ने वाशिंगटन पर समझौते की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमले तथा जवाबी कार्रवाई की धमकियां दे रहे है
