कुवैत सिटी, 18 जुलाई (वार्ता) ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कुवैत ने शनिवार को अपने हवाई क्षेत्र में सभी उड़ानों का परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। हमलों में बिजली उत्पादन और समुद्री जल को पेयजल में बदलने वाले (डीसैलिनेशन) संयंत्रों को नुकसान पहुंचा है। कुवैत एयरवेज ने कहा कि सुरक्षा कारणों से कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जिसके कारण अधिकांश उड़ानों का समय पुनर्निर्धारित किया गया। एयरलाइन ने यह नहीं बताया कि सामान्य सेवाएं कब बहाल होंगी और कितनी उड़ानें प्रभावित हुई हैं। कुवैत भर में शनिवार तड़के हवाई हमले के सायरन बजाये गये। अधिकारियों ने लोगों से घरों के भीतर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की, क्योंकि ईरान से दागी गयी मिसाइलें कुवैती हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गयी थीं।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने कुवैत स्थित अरिफजान ग्राउंड फोर्सेज सपोर्ट सेंटर को निशाना बनाया, जहां तैनात कई अमेरिकी सैनिक मारे गए। आईआरजीसी ने इसे अपने ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के 18वें चरण का हिस्सा बताया। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि ड्रोन हमले में कुवैत स्थित अमेरिकी अली अल सलेम एयर बेस की रडार सुविधा को निष्क्रिय कर दिया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी दावा किया कि आईआरजीसी नौसेना ने अल अहमदी बंदरगाह स्थित अमेरिकी नौसेना की ईंधन सहायता सुविधा तथा एक अमेरिकी संचार एवं सिग्नलिंग केंद्र पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस बीच कुवैत के बिजली, जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि ईरानी हमले में एक अन्य बिजली उत्पादन और जल अलवणीकरण संयंत्र भी प्रभावित हुआ, जिससे संयंत्र के एक हिस्से में आग लग गयी।
मंत्रालय के अनुसार, एहतियात के तौर पर बिजली उत्पादन की कई इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया ताकि संयंत्र, वहां कार्यरत कर्मचारियों और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि हमले से संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद नागरिक सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। आवश्यक सेवाएं जारी रखने और बिजली तथा जल आपूर्ति नेटवर्क को स्थिर बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की गयी हैं। अधिकारियों ने बताया कि हमले में बिजली उत्पादन की कई इकाइयों को नुकसान पहुंचा, हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है। साथ ही बिजली और जलापूर्ति बाधित न हो, इसके लिए आपातकालीन योजनाएं लागू कर दी गयी हैं। मंत्रालय ने कहा कि आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी और तकनीकी अभियान जारी हैं।

