
हटा/दमोह। प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश, हटा के न्यायालय ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है.प्रकरण में शासन की ओर से सशत्तत पैरवी शासकीय अधिवक्ता / अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा की गई।अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप सिंह ठाकुर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह जघन्य वारदात 22 अक्टूबर 25 की है। थाना रजपुरा क्षेत्र में मृतिका चन्दा बाई (उम्र 38 वर्ष) अपने पति सोमू उर्फ सोम गोंड (उम्र 40 वर्ष) और बच्चों के साथ अपनी माँ (हल्की बहू) के घर के पास ही पिछले 2 माह से रह रही थी।घटना वाले दिन दोपहर करीब 3:30 बजे जब मृतिका चन्दा बाई खाना खा रही थी, तभी उसके पति सोमू गौंड ने शराब पीने के लिए उससे पैसे मांगे। चन्दा बाई द्वारा पैसे देने से मना करने पर आरोपी सोमू ने आक्रोशित होकर वहीं पड़ी लाठी और लोहे की गैंती से पत्नी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में गंभीर चोटें आने और अत्यधिक खून बहने के कारण चन्दा बाई की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतिका की मां गहं के के चिल्लाने पर जब उसके बेटे विहारी और संतोष मौके पर पहुंचे, तो आरोपी गैंती फेंककर वहां से भाग गया।
*पुलिस विवेचना और न्यायालयीन फैसला*
सक्रिय पुलिस कार्रवाई- घटना की सूचना मिलते ही थाना रजपुरा प्रभारी सरदार सिंह ने दल-बल के साथ उटनास्थल पर पहुंचर मुआयना किया. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गैंती और लाठी जप्त कर वैज्ञानिक परीक्षण (एफएसएल) हेतु भेजी और थाना रजपुरा में अपराध क्रमांक 85/25, धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया।सजा विवेचक सरदार सिंह की सूक्ष्म एवं तथ्यपूर्ण विवेचना तथा न्यायालय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय ने अपराध को गंभीर प्रकृति का माना। परिणामस्वरूप, माननीय प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश महोदय, हटा ने आरोपी सोमू उर्फ सोम गौंड को आजीवन कारावास और 1000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.
