जबलपुर: शासकीय स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के मासिक मानदेय (वेतन) में करीब दो गुने की भारी वृद्धि साथ ही नियमित शिक्षकों की तर्ज पर सवेतन अवकाश का लाभ मिलने का एक आदेश वायरल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जैसे ही यह कथित आदेश सोशल मीडिया ग्रुप्स पर तेजी से घूमा वैसे ही शिक्षकों, परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। चेहरे खिल उठे। वर्ग-1 का मानदेय 32,000 रुपये, वर्ग-2 का 28,000 रुपये और वर्ग-3 का 20,000 रुपये देखकर किई शक्षक तो एक-दूसरे को बधाइयां तक देने लगे।
इतनी बड़ी वेतन वृद्धि और 13 दिनों के आकस्मिक अवकाश की बात सुनकर हर कोई जश्न मनाने लगा लेकिन खुशी के इस माहौल के बीच जब कुछ जागरूक लोगों ने पत्र को ध्यान से देखा, तो उसमें जारी करने की तारीख 25/07/2026 लिखी हुई थी। आज की तारीख से भी आगे का यह पत्र देखकर लोग हैरान रह गए। पत्र में कई गंभीर गलतियां भी थीं, जिसने इस आदेश की सत्यता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। जैसे ही यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत इसका खंडन करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से फर्जी है। विभाग की ओर से ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अतिथि शिक्षकों की सैलरी और छुट्टी की खुशियां मायूसी में बदल गई।
फर्जी पत्र में किए गए भ्रामक दावे
अतिथि शिक्षकों को गुमराह करने के लिए इस एडिटेड पत्र में भारी वेतन वृद्धि की तालिका बनाई गई है जिसमेें वर्ग-1 उच्च माध्यमिक पूर्व मानदेय 18,000 से बढ़ाकर संशोधित मानदेय 32,000 दर्शाया गया। वर्ग-2 माध्यमिक पूर्व मानदेय 14,000 से बढ़ाकर संशोधित मानदेय 28,000 दर्शाया गया। वर्ग-3 प्राथमिक पूर्व मानदेय 10,000 से बढ़ाकर संशोधित मानदेय 20,000 दर्शाया गया। पत्र में सत्र के दौरान 13 आकस्मिक अवकाश और 3 ऐच्छिक अवकाश देने का भी झूठा दावा किया गया है।
भविष्य की तिथि डाल किया गुमराह
वायरल हो रहे इस फर्जी पत्र की पोल इसकी जारी होने की तिथि से ही खुल गई है। इस आदेश में दिनांक 25/07/2026 अंकित है। शरारती तत्वों ने जल्दबाजी में आदेश की तारीख 25 जुलाई डाल दी, जो कि अभी आई ही नहीं है और भविष्य की तारीख का यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे साफ पता चलता है कि किसी पुराने आदेश को एडिट करके यह फर्जीवाड़ा रचा गया है। यह पत्र किसी शरारती तत्व द्वारा हड़बड़ी में गलत तारीख डालकर एडिट किया गया है।
इनका कहना है
अतिथि शिक्षकों के मानदेय में दोगुनी वृद्धि या आकस्मिक व ऐच्छिक अवकाश को लेकर ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के नाम से वायरल हो रहा अतिथि शिक्षकों का मानदेय वृद्धि और अवकाश संबंधी आदेश पूरी तरह से फर्जी है ।
गौतम बर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी
