
सतना/स्लीमनाबाद. दुनिया के इंजिनियरों के लिए 40 मीटर ऊँचाई पर रिज लाइन को भेदना सपने से भी आगे था. पर बरगी दायीं तट नहर की टनल निर्माण कर विज्ञान ने लोगों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है.
यह बात सूबे के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कही.टनल निरीक्षण के पूर्व सोशल मीडिया इंफ्लुसर से संवाद में उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कई असंभव को संभव कर दिखा रहा हैं हमारे लिए सौभाग्य की बात हैं.स्लीमनाबाद टनल का काम पूरा हो गया.बरगी जलाशय से विंध्य की धरती तक मां नर्मदा का जल पहुंचेगा.मॉ नर्मदा का अमृत जल विंध्य की पर्वत श्रृंखला में जल की कमी को दूर कर आपूर्ति करेगा.डॉ यादव ने बताया कि यह टनल 20 से 40 मीटर जमीन के नीचे है.12किलोमीटर लम्बी यह टनल पानी के लिए बनी देश की सबसे लंबी टनल हैं.टनल निर्माण में आने वाली दिक्कतों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से लगभग 20 से 40 मीटर नीचे चल रहे इस महा-अभियान में मार्बल-लाइमस्टोन की चमकती कठोरता, डोलोमाइट की दृढ़ता और पानी में घुली चूने की विशालकाय भूमिगत गुफाओं ने हर कदम पर रास्ता रोका.टनल के भीतर प्रति मिनट 25 हजार लीटर तक उफनते पानी के रिसाव और अचानक धंसने वाली मिट्टी जैसी विकट परिस्थितियों में जब पूर्व में काम कर रही अमेरिकी मशीन भी टूटकर पस्त हो गई,तब हमने अत्याधुनिक जर्मन हेरेनकनेक्ट मशीन और विशेष टेम ग्राउटिंग तकनीक को युद्धस्तर पर उतारने का निर्णय लिया.उन्होंने बताया कि घनी आबादी, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक के ठीक नीचे से गुजरने के बावजूद इस टनल को बिना किसी क्षति के पूरी सुरक्षा के साथ पूर्ण कर लिया गया.इससे विंध्य,महाकौशल और बुंदेलखंड के पांच जिलों की ढाई लाख के रकबा की धरती को सिंचित किया जा सकेगा.चर्चा के दौरान राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी,सांसद द्वव गणेश सिंह और विष्णुदेव शर्मा उपस्थित थे.इसके बाद सभी ने अधिकारियों की मौजूदगी में 12 किलोमीटर लंबी टनल के अंदर जाकर निरीक्षण भी किया.
