रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा पहली तिमाही में बढ़कर 23 हजार करोड़ के पार

मुंबई, 17 जुलाई (वार्ता) विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली देश की अग्रणी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को पहली तिमाही में समेकित आधार पर 23,001 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जो एक साल पहले की तुलना में 5.7 प्रतिशत अधिक है।

कंपनी ने शुक्रवार शाम वित्तीय परिणामों की घोषणा की। तिमाही के दौरान उसका कुल राजस्व 24.5 फीसदी बढ़कर 3,40,257 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से कच्चे माल की लागत करीब 30 प्रतिशत बढ़ गयी।

तिमाही के अंत में कंपनी के पास 2,46,791 करोड़ रुपये की नकदी थी। वहीं उसका शुद्ध ऋण 1,22,914 करोड़ रुपये था।

तिमाही परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, “कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत स्थिर और सकारात्मक तरीके से की है। हमारे सभी व्यवसायों ने मजबूत परिचालन प्रदर्शन किया है। हमारे विविध व्यवसायिक पोर्टफोलियो ने एक बार फिर अपनी मजबूती और लचीलापन साबित किया है, जबकि इस तिमाही में लगातार भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिर कमोडिटी बाजार जैसी चुनौतियां बनी रहीं।”

तिमाही के दौरान कंपनी ने 38,682 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया।

जियो प्लेटफ़ॉर्म्स ने तिमाही का रिकॉर्ड परिचालन लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 15.1 प्रतिशत बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये रहा। जियो का तिमाही शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 9.2 प्रतिशत बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा। उसके सब्सक्राइबरों की संख्या में 89 लाख का इजाफा हुआ। जून 2026 तक उसके ग्राहकों की संख्या 53 करोड़ 33 लाख तक पहुंच गयी। फ़िक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर दो करोड़ 86 लाख रहे। इसमें 86 लाख का इजाफा पिछले 12 महीने में हुआ है जिससे उसकी बाजार हिस्सेदारी 43 प्रतिशत से अधिक हो गयी है।

रिलायंस रिटेल ने का राजस्व 90,408 करोड़ रुपये पर रहा, जो सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। उसका परिचालन लाभ 6,309 करोड़ रुपये रहा सालाना आधार पर 1.1 प्रतिशत कम है। कंपनी का स्टोर नेटवर्क 2.9 प्रतिशत बढ़कर 20,169 पर और परिचालन क्षेत्रफल 784 वर्ग फुट पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण तेल से रसायन (ओ2सी) कारोबार का राजस्व 30.4 प्रतिशत बढ़कर 2,01,806 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

 

Next Post

विकसित भारत के लक्ष्यों के लिए देश के ऋण पूंजी बाजार में बुनियादी बदलाव जरूरी : क्रिसिल इयरबुक

Fri Jul 17 , 2026
मुंबई, 17 जुलाई (वार्ता) देश के ऋण-पूंजी (बाँड) बाजार पर रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के एक वार्षिक प्रकाशन में कहा गया है कि विकसित भारत के लिए घरेलू बाँड बाजार में बुनियादी सुधार जरूरी हैं और इस संबंध में नीतियों में सुधार करने होंगे। मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन […]

You May Like