

भोपाल। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित नीट-यूजी 2026 के परिणाम में मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जबलपुर के आर्यमान सिंह सोलंकी प्रदेश टॉपर बने, वहीं राजधानी भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के 23 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इनमें आदर्श लोधी ऑल इंडिया रैंक 304 के साथ भोपाल टॉपर रहे, जबकि आकाश इंस्टीट्यूट के 40 से अधिक विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शहर की सफलता में अहम योगदान दिया।
एनटीए द्वारा नीट यूजी परीक्षा 21 जून को आयोजित हुई जिसमें जबलपुर के आर्यमान सिंह सोलंकी ने आल इंडिया रैंक 46 के साथ प्रदेश में टॉप किया है. जिसके बाद इंदौर के आराध्य गर्ग ने ऑल इंडिया रैंक 110 के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. वहीं अगर भोपाल की बात करें तो सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के 23 विद्यार्थियों ने इस कठिन परीक्षा में बाजी मार मेडिकल के क्षेत्र में अपनी जगह पक्की कर ली है। जिसमें आदर्श लोधी ने ऑल इंडिया रैंक 304 हासिल कर सिटी टॉपर बने हैं. साथ ही आकाश इंस्टीट्यूट के 40 से अधिक विद्यार्थियों ने भी शानदार सफलता हासिल की है। जिसमें अरुणिमा प्रियंबदा दास ने शहर में टॉप 5 में अपनी जगह बनाई है। बता दें इस बार प्रदेश में करीब 1 लाख 18 हजार विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में आवेदन किया था. वहीं प्रदेश भर के 30 जिलों में कुल 283 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें से राजधानी भोपाल में ही 32 केंद्रों पर 13 हजार 724 छात्रों ने परीक्षा दी थी।
-टॉपर छात्रों ने बताया सफलता का राज
-कैंसर विशेषज्ञ बनेंगें सिटी टॉपर
मेंरे पिता किसान हैं और मां गृहणी हैं. उन्होंने हमेंशा आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया है. रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई में समय दिया. सुभाष स्कूल के शिक्षकों की मेहनत और एक सही मार्गदर्शन से पहले प्रयास में परीक्षा पास की है. भविष्य में कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर बनना चाहूंगा.
आदर्श लोधी, रैंक- 304, सुभाष एक्सीलेंस स्कूल
-पढ़ाई में स्ट्रेस का समय नहीं मिला
मेंरी कोशिश है कि मैं एमबीबीएस करने के बाद कार्डियों में पीजी करके विशेषज्ञ बनूं और देश की सेवा करूं. परीक्षा की तैयारी में कभी इतना समय नहीं मिला कि मुझे स्ट्रेस हो. मैंने पढ़ाई को घंटे में नहीं बल्कि टारगेट देकर पूरा किया. फिजिक्स में थोड़ी कठिनाई होती थी, जिसमें मैं अधिक समय देती थी.
अरुणिमा प्रियंबदा, रैंक-1058, आकाश इंस्टीट्यूट
-न्यूरोसर्जन बनने का है सपना
मेंरे पिता ड्राइवर हैं आज रिजल्ट देखकर बहूत खुशी हो रही है, कि मेहनत रंग लाई. रोजाना 10 घंटे पढ़ाई में समय देता था. माता पिता और स्कूल का पूरा सहयोग रहा है. सभी ने हमेंशा पढ़ाई को लेकर साकारात्क माहौल दिया. मैं एमबीबीएस करके आगे न्यूरोसर्जन बनना चाहूंगा.
तीर्थ सोनी, रैंक- 1299, सुभाष एक्सीलेंस स्कूल
-विषय कठिन नहीं मेहनत जरूरी
कोचिंग के अलावा भी करीब 6 घंटे पढ़ाई को समय देती थी. विषय कोई भी कठिन नहीं लगता था. बस कॉसेप्ट को समझकर ही आगे बढ़ती थी. मेंरी सफलता में मां और पिता के साथ आकाश इंस्टिट्यूट का पूरा सहयोग रहा है.
दक्षिता चौधरी, रैंक 2382, आकाश इंस्टीट्यूट
-सही गाइडेंस से मिलती है सफलता
पहले प्रयास में परीक्षा पास की है. आकाश में पढ़ाई करके गाइडेंस और सही दिशा मिली है. आगे एमबीबीएस करके न्यूरो में पीजी करूंगा. मेरी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को देना चाहूंगा. नीट की तैयारी करने वालों को कहूंगा कि निरंतरता से पढ़े सफलता एक दिन में नहीं मिलती है.
देव चौधरी, रैंक 2727, आकाश इंस्टीट्यूट
