
जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बेनीखेड़ा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) प्रीतम कुमार बेहरा के खिलाफ धोखाधड़ी और 6 लाख से अधिक के गबन का मामला दर्ज किया है। आरोपी मैनेजर ने अपनी कुर्सी और रसूख का दुरुपयोग कर न केवल बैंक को चूना लगाया, बल्कि गरीबों और स्वयं सहायता समूहों के पैसों पर भी डाका डाला। आरोपी के खिलाफ ईओडब्ल्यू जबलपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ईओडब्ल्यू की आधिकारिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी मैनेजर प्रीतम कुमार बेहरा ने 14 दिसंबर 2024 से 7 फरवरी 2025 के बीच इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया। शातिर मैनेजर ने अपने ही बैंक के अधीनस्थ कर्मचारियों अक्षत जैन और उमंग चतुरकर की कंप्यूटर लॉगिन आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद, उसने बैंक के 9 अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों, बीमा और ऋण खातों से कुल 4,21,108 की राशि अवैध रूप से अपनी पत्नी मोनालीसा बेहरा के खाते में ट्रांसफर कर दी।
आउटसोर्स कर्मचारी को बनाया मोहरा, लोक अदालत की रिकवरी भी डकारी
आरोपी मैनेजर की जालसाजी का सिलसिला यहीं नहीं थमा। उसने बैंक में काम करने वाले एक आउटसोर्स कर्मचारी मनोज कुमार चक्रवर्ती के नाम पर फर्जी तरीके से खाता खुलवाया। इसके बाद उसके एटीएम और मोबाइल बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का अनधिकृत इस्तेमाल कर 1,43,480 खुद निकाल लिए। हद तो तब हो गई जब लोक अदालत के दौरान 4 एनपीए डिफॉल्टर्स से रिकवरी एजेंट के माध्यम से वसूल की गई 38,000 की नकद राशि को भी आरोपी मैनेजर ने बैंक में जमा करने के बजाय सीधे अपनी जेब में रख लिया।
ऑडिट में खुली पोल, वाउचर भी मिले गायब
इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक लगते ही बैंक ऑफ महाराष्ट्र के जबलपुर अंचल कार्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक गोविंद सिंह ठाकुर ने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद भोपाल मुख्यालय के निर्देश पर ईओडब्ल्यू की निरीक्षक भुवनेश्वरी चौहान को मामले की जांच सौंपी गई। जब टीम ने बैंक के दस्तावेजों और कंप्यूटर सिस्टम को खंगाला, तो पता चला कि बिना ग्राहकों की जानकारी के कई अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए गए थे, जिनके मुख्य वाउचर भी बैंक रिकॉर्ड से गायब कर दिए गए थे।
ओडिशा का है आरोपी
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, आरोपी प्रीतम कुमार बेहरा मूल रूप से पुरी (ओडिशा) का रहने वाला है, जो वर्तमान में जबलपुर के गढ़ा स्थित इंदिरा गांधी वार्ड में मकान नंबर 623 में रह रहा था।
