‘पैमाना’ डैशबोर्ड की तैमासिक रिपोर्ट दर्शाती है बुनियादी ढांचागत क्षेत्र की तेज प्रगति

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (वार्ता) बुनियादी ढांचा क्षेत्र की उपलब्धियों पर दृष्टि रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्थापित डैशबोर्ड ‘पैमाना’ की त्रैमासिक रिपोर्ट के अनुसार विमान, रेलवे, राजमार्ग, दूरसंचार और पोत परिवहन जैसे बुनियादी क्षेत्रों में हाल के वर्षों में अच्छी प्रगति दर्ज की गयी है। पैमाना की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2026 में विमानों के जरिए माल ढुलाई 98,920.10 टन रही, जो अप्रैल 2025 की तुलना में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा गुरुवार को जारी पैमाना (राष्ट्र निर्माण के लिए परियोजना मूल्यांकन, आधारभूत ढांचा निगरानी एवं विश्लेषण) डैशबोर्ड की अद्यतन त्रैमासिक रिपोर्ट में विमानन, रेलवे , पोत परिवहन, राजमार्ग और दूरसंचार जैसे बुनियादी ढांचा क्षेत्रोंं के प्रदेर्शन की निगरानी की जाती है। इसी वर्ष 16 अप्रैल को शुरू किये गये इस डैशबोर्ड की तिमाही रिपोर्ट के अनुसार अनुसार देश में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर 165 हो गयह है, जो 2014 में 81 थी। रिपोर्ट के मुताबिक दूरसंचार क्षेत्र में डिजिटल क्षेत्र में मजबूत वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान वायरलेस-मोबाइल डेटा की खपत 2,85,376 पेटबाइट्स (पीबी) तक पहुंच गयी, जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में 24.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान टेलीफोन ग्राहकों (कनेक्शनों) की संख्या 10.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 133.06 करोड़ हो गयी जो एक साल पहले 120.17 करोड़ थी। सड़क परिवहन और राजमार्ग क्षेत्र में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 9,360 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया जो करीब एक साल पहले के प्रदर्शन के बराबर है।

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान गैर-प्रमुख बंदरगाहों से 2.06 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की यातायात के साथ स्थिर वृद्धि दर्ज की। इस दौरान प्रमुख बंदरगाहों से तटीय माल ढुलाई बढ़कर 196,808.7 हजार टन (3.09 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) और गैर-प्रमुख बंदरगाहों से ढुलाई 142,219.4 हजार टन हो गयी।
रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने माल ढुलाई और यात्री सेवाओं में 2024-25 में बेहतर प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्रॉड गेज के वैगनों में औसत ढुलाई 2015-16 के 60.8 टन प्रति वैगन की तुलना में 2024-25 में बढ़कर रिकॉर्ड 64.0 टन प्रति वैगन के स्तर पर पहुंच गयी। इसी तरह इस अवधि में रेल यात्रा करने वाले यात्रियों की दैनिक संख्या 5.8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ औसतन 2024-25 में 199.8 लाख टन तक पहुंच गई । रेल नेटवर्क 2024-25 के अंत तक विस्तृत हो कर 1.37 लाख ट्रैक किलोमीटर से अधिक हो गया जो 2015-16 में लगभग 1.20 लाख ट्रैक किलोमीटर था। विद्युत क्षेत्र में ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विस्तार की संभावना है, क्योंकि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (बीईएसएस) और पंप स्टोरेज प्लांट्स (पीएसपी) की तीव्र तैनाती के कारण भंडारण जरूरतों में 10 गुना से अधिक की वृद्धि होने का अनुमान है, जो अनुमानों के अनुसार 2027-28 में 87,000 मेगवाट से बढ़कर 2035-36 तक 8,88,000 मेगावाट हो जाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में (मई तक) विमानन क्षेत्र में यात्री संख्या 7.1 करोड़ तक पहुंच और माल ढुलाई 7.3 लाख टन रही। माल ढुलाई में एक वर्ष पहले की तुलना में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इसे इस क्षेत्र में निरंतर मांग का उदाहरण बताया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल-मई के दौरान 10.52 लाख विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ जिससे व्यापार, पर्यटन और वैश्विक संपर्क को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका और मजबूत हुई।

इस डैशबोर्ड के अनुसार देश में ऊर्जा भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीएसईएस) की क्षमता 2035-36 तक क्रमशः 94,000 मेगा वाट और 80,000 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।
वर्ष 2025-26 के अंत तक देश में दूरसंचार अवसंरचना का विस्तार 8.55 लाख टावरों (3.7 प्रतिशत वार्षिक) और 32.25 लाख बेस ट्रांससीवर स्टेशनों (बीटीएस) (7.4 प्रतिशत वार्षिक) तक पहुंच गया। इस दौरान दूरसंचार घनत्व सुधर कर 93.26 प्रतिशत हो गया जो गहन डिजिटल कनेक्टिविटी को दर्शाता है।
वित्त वर्ष 2026-27 में (मई तक) राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह लेन-देन बढ़कर 88 करोड़ रुपये (39.7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) हो गया है, जो कैशलेस टोल सिस्टम को व्यापक रूप से अपनाने का संकेत देता है। रेलवे क्षेत्र ने माल ढुलाई दक्षता और नेटवर्क क्षमता दोनों में वृद्धि की है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति वैगन औसत माल भार बढ़कर लगभग 68 टन हो गया है और रेल नेटवर्क 2024-25 में 1.37 लाख ट्रैक किलोमीटर से अधिक तक विस्तारित हो गया है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग क्षेत्र ने तेज वृद्धि दर्ज की है, जिसके तहत भारत के बेड़े में 2025 तक 1,592 जहाज (तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) हो गये हैं। भारत का समुद्री व्यापार 2015 में 760 लाख टन से बढ़कर 2023 में लगभग दोगुना होकर 1450 लाख टन हो गया है। अंतर्देशीय जलमार्गों के बेड़े की संख्या 2024-25 के अंत में 10,623 हो गयी है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक जलमार्गों का विस्तार होकर 29,151.9 किलोमीटर तक पहुंच गया था।

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