
इंदौर। एनएसयूआई नेता पर छात्रा कार्यकर्ता के साथ दुष्कर्म एवं मारपीट के आरोपों के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अभाविप ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और रैली निकालते हुए भोलाराम उस्ताद मार्ग चौराहे पहुंचे, जहां एनएसयूआई का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अभाविप का कहना है कि यह प्रदर्शन “छात्र गूंज” अभियान से जुड़ी एक छात्रा कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के विरोध में आयोजित किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई नेता सुभाष यादव पर छात्रा के साथ यौन शोषण और मारपीट के आरोप लगे हैं, जिससे छात्र संगठनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान अभाविप पदाधिकारियों ने कहा कि यह कोई एकल मामला नहीं है और पूर्व में भी एनएसयूआई से जुड़े कई पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बजाय उन्हें संरक्षण दिए जाने की प्रवृत्ति देखने को मिलती है।
अभाविप की महानगर सह मंत्री प्रांजलि अग्रवाल ने कहा कि परिषद इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है तथा मामले की तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी व्यक्ति जांच में दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस प्रकार की घटनाओं में न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है। अभाविप ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।
