दतिया। उपचुनाव से पहले पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं की बैठक में भावुक अंदाज के साथ आक्रामक तेवर भी दिखाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी की हिम्मत नहीं है कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे। जरूरत पड़ी तो मैं भी उनके साथ जेल जाने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस के खिलाफ लड़ने और पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को हर हाल में जिताने की अपील की।
बैठक के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “कुछ लोग कह रहे हैं कि आशुतोष ने मेरा टिकट काट दिया। उसकी इतनी क्षमता नहीं है। टिकट काटने वाले कोई और हैं, उनसे हम बात करेंगे।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से नाराजगी छोड़कर संगठन को मजबूत करने और उपचुनाव में पूरी ताकत लगाने का आह्वान किया।
नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस प्रशासन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दतिया एसपी से सवाल किया कि चक्काजाम हटाना था तो हटाते, लेकिन भाजपा कार्यालय पर आंसू गैस के गोले क्यों दागे गए? उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “एसपी साहब, याद रखिए… मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं।” साथ ही निर्दोष भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी निर्दोष कार्यकर्ता पर झूठे केस या अत्याचार बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
बैठक में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि वे हर परिस्थिति में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहेंगे और उनके सम्मान पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने देंगे। दतिया उपचुनाव से पहले नरोत्तम मिश्रा के इस आक्रामक तेवर ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
