
रीवा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भारतीय रेडक्रास समिति में आधुनिक कृत्रिम अंग निर्माण यूनिट का लोकार्पण किया. उप मुख्यमंत्री ने ब्लड सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण करने के साथ तीन दिव्यांगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए.
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेडक्रास समिति ने सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करके रीवा का नाम रोशन किया है. समिति में कृत्रिम अंग निर्माण की आधुनिकतम उपकरणों से सज्जित कम्प्यूटराइज्ड यूनिट का शुभारंभ किया गया है. इससे अस्थि बाधित दिव्यांगजनों को सटीक माप के कृत्रिम अंग प्राप्त होंगे. इस यूनिट से रीवा संभाग ही नहीं सागर संभाग, जबलपुर संभाग तथा पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के समीपवर्ती जिलों के दिव्यांगों को भी कृत्रिम अंग की सुविधा मिलेगी. जिस कार्य के लिए दिव्यांगों दिल्ली, मुम्बई, जयपुर जैसे शहरों को जाना पड़ता था वह सुविधा अब रीवा शहर में उपलब्ध हो गई है. दिव्यांगों के कल्याण के इस उत्कृष्ट कार्य के लिए समिति के चेयरमैन डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी और उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है. उप मुख्यमंत्री ने समारोह में कृत्रिम अंग बनाने वाले इंजीनियर गौरव गुप्ता, सहायक गौरव सिंह तथा सुरेन्द्र बढ़ई को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक अंग निर्माण यूनिट से रीवा कृत्रिम अंग निर्माण का केन्द्र बनेगा. रेडक्रास समिति ने गरीबों और पीडि़तों की सेवा में सदैव उत्कृष्ट कार्य किया है. कोरोना के संकटकाल में समिति के सदस्यों ने समाजसेवियों के साथ मिलकर जान हथेली में रखकर गरीबों को घर-घर जाकर नि:शुल्क अनाज का वितरण किया था. समिति में ब्लड सेपरेशन यूनिट का भी लोकार्पण किया गया है. इस सुविधा से एक यूनिट रक्त का उपयोग तीन रोगियों की जान बचाने में किया जा सकता है. समारोह में रेडक्रास समिति के चेयरमैन डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने कहा कि समिति पीडि़तों की सेवा के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उप मुख्यमंत्री के विशेष सहयोग से समिति को आधुनिक भवन, कृत्रिम अंग बनाने की यूनिट तथा अन्य सुविधाएं मिली हैं. समिति को पिछले तीन वर्षों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए महामहिम राज्यपाल से प्रशस्ति पत्र हुए हैं. रेडक्रास समिति की रक्तदान इकाई ने प्रथम दिन डॉ. शिवेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ. महादेवी चतुर्वेदी एवं सुवर्णा चतुर्वेदी ने रक्तदान करके मानवता की सेवा में योगदान दिया. समारोह में भारतीय रेडक्रास समिति के उपाध्यक्ष जयंत खन्ना तथा एके खान, सचिव राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, डॉ. विनोद कुमार श्रीवास्तव, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, पूर्व डीआईजी डीपी सिंह, श्रीमती ममता सिंह, प्रदीप गौतम सुमन, रामायण गौतम, सिविल सर्जन डॉ. प्रतिभा मिश्रा तथा समिति के पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे.
