इंदौर: अमृत योजना के तहत नगर निगम द्वारा जहां शहर में बेहतर जलापूर्ति के दावे किए जा रहे हैं, वहीं कई क्षेत्रों में जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है. शहर के अधिकांश क्षेत्रों में लोग भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं. स्थिति यह है कि लोगों को एक-एक बाल्टी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. मिल क्षेत्र में आने वाला वार्ड क्रमांक 46 अंतर्गत आने वाले गोटू बाबा की चाल क्षेत्र के रहवासी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं.
क्षेत्र में पेयजल संकट के साथ दूषित पानी की शिकायत भी लगातार सामने आ रही है. क्षेत्र के सरकारी बोरिंग की मोटर खराब हो चुकी है, जिसके कारण पाइप बाहर निकालकर रखे गए हैं. लंबे समय से बोरिंग का मरम्मत कार्य लंबित होने से समस्या और बढ़ गई है. रहवासियों के अनुसार नर्मदा लाइन से केवल 15 से 20 मिनट तक पानी की सप्लाई होती है और उसमें भी कई बार गंदा पानी आता है. इतने कम समय में पर्याप्त पानी संग्रह करना संभव नहीं हो पाता. रहवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि समस्या के स्थायी समाधान तक नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजे जाएं, क्षेत्र में नई बोरिंग कराई जाए और नर्मदा जलापूर्ति का समय बढ़ाकर कम से कम एक घंटा किया जाए.
यह बोले रहवासी…
बढ़ती गर्मी में पिछले चार दिन से बोरिंग की मोटर खराब पड़ी थी, उसे सुधारने के लिए पहुंचाया गया है, जिसके कारण क्षेत्र में पानी की दिक्कत और बढ़ गई है.
– मथुरा लाल
आधे घंटे भी मुश्किल से नर्मदा लाइन से पानी नहीं आता है. ऐसे में पानी की पूर्ति नहीं होती. उसी में हमें एडजस्ट करना पड़ता है, जल आपूर्ति का समय बढ़ाना चाहिए.
– मेवालाल यादव
नलों में शुरू में गंदा पानी आता है, उसके बाद साफ आता है, लेकिन इतने कम समय पानी नहीं आता ऐसे में कुछ नहीं होता जहां बड़े परिवार है वहां तो और भी समस्याएं.
– सुरेश लाल
नंदकिशोर पहाडç¸या जी के क्षेत्र से हमारे क्षेत्र के पानी के टैंकर करना बंद करवा दिए गए हैं इसको देखते हुए हमने बोरिंग छोटी मोटर निकाल कर बड़ी मोटर डालेंगे.
– सैफु कुशवाहा, पार्षद
