
सीधी । जिला अस्पताल में आज सुबह करीब 11 बजे एक प्रसूता की आपरेशन थिएटर में मौत होने पर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। उनके द्वारा आरोप लगाया गया कि सिजेरियन आपरेशन के लिए 20 हजार मांगे गए थे। उनकी मांग पूरी न करने पर गलत इंजेक्शन लगा दिया जिसके चलते प्रसूता के साथ गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो गई। आक्रोशित परिजन दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव लेने से इंकार कर दिए और अस्पताल परिसर में ही हंगामा मचाना शुरू कर दिए। मामले की नजाकत को समझते हुए अस्पताल प्रबंधन के अंधिकारियों के साथ ही कलेक्टर विकास मिश्रा स्वत: अस्पताल पहुंचे। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों को ढाढ़स बंधाया और जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों का आक्रोश कुछ कम हुआ। इस दौरान एसडीएम प्रिया पाठक, एएसपी श्रीमती कमला जोशी एवं अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान जिला अस्पताल परिसर पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील रहा। उधर परिजनों ने बताया कि समीपी सोनाखांड गांव की निवासी दयावती जायसवाल पति महेन्द्र जायसवाल उम्र 28 वर्ष को प्रशव के लिए 13 जुलाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का कहना है कि महिला डॉ. सुनीता तिवारी प्रसूता का इलाज कर रही थी। उनका आरोप था कि आपरेशन के लिए 20 हजार रुपए मांगे थे, लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं कर पाए। आज आपरेशन के लिए दयावती को आपरेशन थिएटर के अंदर ले जाया गया। वहां आपरेशन से पहले एक इंजेक्शन लगाया गया जिसके बाद शरीर में खुजली शुरू हो गई। जिस पर डॉक्टर ने एक पर्ची में कुछ दवाइयां लिखकर जल्द शुभम मेडिकल से लाने के लिए कहा। परिजनों का आरोप था कि दयावती का पति जब संबंधित मेडिकल स्टोर में दवा लेने के लिए पहुंचा तो उसके द्वारा बिना पर्ची देखे ही पहले से रखी दवाइयां उठाकर दे दिया। यह दवाई जब लेकर आपरेशन थिएटर के बाहर पहुंचा तो अंदर से बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दे रही थी। इसके बाद आपरेशन थिएटर के पिछले दरवाजे से महिला डॉक्टर निकलकर चली गई। तब बताया गया कि दयावती की मौत हो गई।
मृतका के पति ने लगाया लापरवाही का आरोप –
मृतका दयावती जायसवाल के पति महेन्द्र जायसवाल ने बताया कि प्रशव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन आपरेशन के लिए 20 हजार की मांग की गई थी। यह इंतजाम नहीं हो सका था। लिहाजा आज आपरेशन थिएटर में गलत इंजेक्शन लगा दिया गया जिससे दयावती के पूरे शरीर में खुजली होने लगी। इसके बाद डॉक्टर ने एक पर्ची में कुछ दवाइयां लिखकर शुभम मेडिकल स्टोर से जल्द लाने के लिए कहा। जब मेडिकल स्टोर पर्चा लेकर पहुंचे तो वहां पहले से ही रखी दवाइयां पकड़ा दी गई। यह दवा लेकर वह जल्द आपरेशन थिएटर के बाहर पहुंचा उस दौरान जानकारी मिली कि दयावती की मौत हो गई। पति ने आरोप लगाया कि महिला डॉक्टर द्वारा लापरवाही पूर्वक गलत इंजेक्शन लगाने से उसकी पत्नी की मौत हुई है। महेन्द्र जायसवाल ने बताया कि उसकी पत्नी की यह दूसरी डिलेवरी थी।
इनका कहना है –
परिजनों ने बताया है कि इलाज में लापरवाही के साथ गलत इंजेक्शन लगाने से प्रसूता की मौत हुई है। इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विकास मिश्रा, कलेक्टर सीधी।
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,प्रसूता की पूर्व में भी सिजेरियन डिलेवरी हुई थी। आज प्रसूता को सिजेरियन डिलेवरी के लिए आपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर सभी परीक्षण किए गए थे। आपरेशन के लिए दिए जाने वाले इंजेक्शन के उपरांत प्रसूता की मृत्यु हो गई। प्रसूता की मृत्यु का असली कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। प्रसूता का पीएम गठित टीम द्वारा किया गया। साथ ही कलेक्टर के निर्देश पर तीन सदस्यीय समिति जांच के लिए गठित की गई है। यह समिति 24 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
डॉ. एसबी खरे, सिविल सर्जन
जिला अस्पताल सीधी।
