नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों का कलेक्टर भवन घेराव, 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

इंदौर, नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण एवं छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर इंदौर में चल रहा छात्र आंदोलन मंगलवार को निर्णायक चरण में पहुंच गया। टंट्या भील चौराहा पर पिछले 16 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के बाद छात्रों ने मंगलवार को शांतिपूर्ण पदयात्रा निकालते हुए कलेक्टर भवन का घेराव किया। इस दौरान छात्रों ने कलेक्टर को 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई।

 

सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं टंट्या भील चौराहा पर एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर करीब चार किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। पूरे मार्ग में छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और वहां कलेक्टर भवन का घेराव कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

 

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अरुण बड़ोले ने कहा कि छात्र पिछले 16 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई, तब छात्रों को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए यह महाआंदोलन करना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।

 

आंदोलन में शामिल जितेन्द्र एसके ने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहे।

 

छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने, दोषियों को कठोर दंड देने तथा छात्रों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों सहित कुल 23 सूत्रीय मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। इसके अलावा छात्रों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।

 

प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। छात्रों ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

 

इस महाआंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं युवा वर्ग ने भी भाग लेकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया।

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