इंदौर: उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है. विश्वविद्यालय ने महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर तकनीकी विश्वविद्यालय के साथ पांच वर्षीय सहमति ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं.यह एमओयू 29 जून 2026 को दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया. समझौता आगामी पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों के लिए साझा शैक्षणिक एवं अनुसंधान मंच तैयार करना है.
समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संकाय एवं छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थी और शिक्षक एक-दूसरे के शैक्षणिक वातावरण तथा शोध कार्यों का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा छात्रों की शैक्षणिक गतिशीलता बढ़ाने के लिए क्रेडिट ट्रांसफर व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे वे दोनों संस्थानों में अध्ययन कर अपने अकादमिक क्रेडिट का लाभ ले सकेंगे. एमओयू के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान एवं प्रोजेक्ट्स को भी प्राथमिकता दी जाएगी. दोनों विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से शोध अनुदान प्राप्त करने के लिए संयुक्त रूप से प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे. साथ ही शोध, सेमिनार और अकादमिक गतिविधियों के लिए प्रयोगशालाओं, तकनीकी संसाधनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं का साझा उपयोग किया जाएगा.
नए आयाम स्थापित करेगी
विद्यार्थियों के कौशल विकास, नवाचार और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल विकास एवं प्लेसमेंट गतिविधियों पर भी संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा. विश्वविद्यालयों का मानना है कि यह सहयोग विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में सहायक होगा. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह साझेदारी उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचार आधारित और रोजगारोन्मुखी बनाने के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी तथा दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और शोध सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगी. यह पहल विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
