स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने UAE के दो तेल टैंकरों पर मिसाइलें दागीं, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यह हमला हुआ है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तेल टैंकरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। इस हमले में न केवल संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है, बल्कि एक भारतीय नाविक ने अपनी जान भी गंवाई है।
ईरान के हमले में 8 लोग घायल
जानकारी के मुताबिक, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात के झंडे वाले दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इन जहाजों पर ईरानी सेना ने सीधी मिसाइलें दागीं। UAE की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस हमले की पुष्टि की गई है।
इस अचानक हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है, जबकि चालक दल के आठ अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
जहाज से 20 प्रतिशत टोल
ईरान का यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज क्षेत्र के लिए एक बेहद विवादित और बड़ी घोषणा की है। ट्रंप ने खुद को ‘होर्मुज का गार्जियन’ घोषित करते हुए ऐलान किया है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज से 20 प्रतिशत टोल वसूला जाएगा।
ट्रंप का तर्क है कि चूंकि अमेरिकी नौसेना इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षा प्रदान कर रही है, इसलिए उसे इस सेवा के बदले टैक्स मिलना चाहिए।
होर्मुज बंद होने से बढ़ा तनाव
क्षेत्र में तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलमार्ग को बंद करने की कोशिश की। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए बताया कि उनकी नौसैनिक नाकेबंदी विशेष रूप से ईरान और तेहरान के साथ व्यापार करने वालों को लक्षित करेगी। वहीं, अन्य देशों के जहाजों को टोल चुकाने के बाद ही इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
UAE की कड़ी प्रतिक्रिया
UAE ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। यूएई के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने कड़े शब्दों में हमले की निंदा करते हुए कहा कि उनके पास अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार सुरक्षित है। मंत्रालय ने मृतक भारतीय नाविक के परिवार और भारत सरकार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
वैश्विक बाजार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज में जारी इस तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है। कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए यह मार्ग दुनिया की लाइफलाइन माना जाता है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका बढ़ गई है, जिससे भारत सहित कई विकासशील देशों के लिए ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
