मंदसौर: नगर के प्रसिद्ध एवं आस्था के प्रमुख केंद्र श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर के शिवना नदी तट स्थित घाट पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ जिले एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु यहां स्नान, भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन-पूजन, अभिषेक एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद घाट पर कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव श्रद्धालुओं को परेशान कर रहा है।
इसी संबंध में भागवत विचार संस्थान, मंदसौर के संस्थापक पं. श्रीकृष्णवल्लभ शास्त्री (मालवा स्वामी) ने सांसद, विधायक, जिला प्रशासन, कलेक्टर एवं श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष से घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र आवश्यक व्यवस्थाएं कराने का आग्रह किया है।पं. शास्त्री ने बताया कि घाट पर स्नान करने के बाद स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं होने से श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि घाट पर स्नान एवं पेयजल के लिए पर्याप्त संख्या में नलों की स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सहज सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में घाट पर बैठने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान उपलब्ध नहीं हैं। गर्मी के मौसम में तेज धूप तथा वर्षाकाल में बारिश के कारण श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में घाट परिसर में उपयुक्त स्थानों पर स्थायी शेड का निर्माण कराया जाना आवश्यक है।पं. शास्त्री ने स्वच्छता एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए घाट के समीप सड़क की दूसरी ओर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ एवं सुलभ शौचालय की व्यवस्था होना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही महिलाओं की सुविधा एवं गरिमा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित चेंजिंग रूम (वस्त्र परिवर्तन कक्ष) का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर केवल मंदसौर ही नहीं, बल्कि पूरे मालवा अंचल का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है। वर्षभर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि सावन, महाशिवरात्रि तथा अन्य धार्मिक पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता है।
श्रद्धालुओं का भी कहना है कि यदि घाट पर पेयजल, स्नान, शेड, शौचालय और महिला चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं विकसित की जाती हैं तो यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी तथा मंदिर क्षेत्र की व्यवस्थाएं भी अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बन सकेंगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन से धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक विकास कार्य प्रारंभ कराने की अपेक्षा व्यक्त की है।
