सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी जिला न्यायालय परिसर में लोकायुक्त रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता पंकज कुमार तिवारी ने 9 जुलाई को लोकायुक्त में शिकायत की थी कि एक मामले में अभिमत (रिपोर्ट) देने के बदले अधिकारी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। शिकायत के सत्यापन में सामने आया कि आरोपी पहले ही 8 हजार रुपये ले चुका था और बाकी 10 हजार रुपये लेते समय लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कर लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी ने खुद को बचाने के लिए रिश्वत की रकम सड़क पर फेंक दी और भागने की कोशिश की, लेकिन लोकायुक्त टीम ने तुरंत पीछा कर उसे पकड़ लिया। मौके पर ही उसके हाथों की रासायनिक जांच की गई और आगे की कार्रवाई शुरू की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि इसी शिकायतकर्ता की शिकायत पर मझौली थाने के एक एएसआई कमलेश त्रिपाठी को भी वर्ष 2025 में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल उस मामले की सुनवाई भी अदालत में चल रही है। अब लोकायुक्त इस नए मामले में भी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
