सिंगरौली : जिला अधिवक्ता संघ बैढ़न का आज सोमवार को काफी गहमागहमी एवं शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ है। इस चुनाव में 94 प्रतिशत मतदान हुआ है। 685 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया है। मतो की गणना कल मंगलवार को सुबह 10 बजे से की जावेगी।दरअसल जिला अधिवक्ता संघ बैढ़न-सिंगरौली का मतदान आज सोमवार की सुबह से ही काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा। यहां अध्यक्ष पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसमें मुख्य रूप से वर्तमान अध्यक्ष बृजेन्द्र देव पाण्डेय, पूर्व अध्यक्ष रमाशंकर शाह, राजकुमार दुबे एवं विपीन कुमार शाह शामिल हैं।
वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए आशीष शर्मा निर्विरोध निर्वाचित हुए। जबकि सचिव पद के लिए अनिल सिंह परिहार, जगमोहनलाल साहू, रणधीर कुमार मंडल, रामरक्षा शाह, विकास कुमार दुबे भाग्य आजमा रहे हैं। उधर सह सचिव पद के लिए अब्दुल मुबीन सिद्धिक्की, सरोज कुमार वर्मा चुनावी मैदान में हैं। कोषाध्यक्ष पद के लिए किरण शाहवाल एवं वीणा रानी तथा ग्रंथपाल पद के लिए गंगाशरण शाह एवं जगनारायण बैस चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। निर्वाचन अधिकारी विनोद गुप्ता एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रभुलाल कुशवाहा के देख-रेख में आज मतदान शुरू हुआ। 730 अधिवक्ता मतदाताओं में से 685 अधिवक्ताओं ने अपने मत का उपयोग किया है। यह चुनाव काफी शांतिपूर्ण रहा है। मतों की गणना कल मंगलवार को होगी।
चुनाव के प्रति अधिवक्ताओं में दिखा उत्साह
जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में काफी उत्साह दिखा है। 94 फीसदी मतदान ही बता रहा है कि अधिवक्ताओं ने मतदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया। इतना ही नही मतदान केंद्र पर सुबह 9 बजे से ही पूरे दिन अनुशान, सौहार्द्र और उत्साह का माहौल दिखा है। शाम 5:30 बजे तक मतदान हुआ। जिसमें 685 अधिवक्ता मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
अध्यक्ष एवं सचिव पद पर हैं सब की नजरें
जिला अधिवक्ता संघ बैढ़न के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चार अधिवक्ता चुनावी मैदान में हैं और सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीता सुनिश्वित मान रहे हैं। इस चुनाव में चतुष्कोणी मुकाबला माना जा रहा है। वहीं सचिव पद के त्रिकोणी मुकाबला माना जा रहा है। अब किसके सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा, यह तो कल दिन मंगलवार को दोपहर तक में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। लेकिन मतगणना के बाद अध्यक्ष, सचिव, ग्रंथपाल एवं कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के समर्थक तरह-तरह के कयास लगाना शुरू कर दिये हैं।
