अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को घोषणा की है कि अगली सूचना तक यह बंद रहेगा। होर्मुज एक मुख्य जलमार्ग है, जो वैश्विक ईंधन आपूर्ति का 20% नियंत्रण करता है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर दुनिया के तेल बाजारों में दिखा शुरू हो गया है। हफ्ते के पहले दिन आज सोमवार, 13 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली। क्रूड ऑयल की कीमतें 4 प्रतिशत की उछाल के साथ 79 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से शुरू हुई अस्थिरता के बाद से देखने को मिल रहा है।
होर्मुज में साइप्रस के कमर्शियल शिप पर हुए हमले के बाद अमेरिका फिर से आक्रमक हो गया। ईरान के 140 अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए। हमले के जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर अटैक किया है। वहीं, ईरान ने होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। वहीं, ट्रंप की ओर से दावा किया जा रहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी खुला है।
79 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल
ब्रेंट क्रूड अब सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए 79 डॉलर प्रति बैरल के निशान के ऊपर ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी की उछाल तब आई जब बीते हफ्ते कॉन्ट्रैक्ट में 5.5 प्रतिशत की इजाफा हुई थी, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) या US क्रूड वेरिएंट भी 74 डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर कारोबार कर रहा था। वीकेंड ब्रेक के बाद यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स में भी 2.5 फीसदी की बढ़त हुई।
क्या है होर्मुज का लेटेस्ट अपडेट?
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को घोषणा की है कि अगली सूचना तक यह बंद रहेगा। होर्मुज एक मुख्य जलमार्ग है, जो वैश्विक ईंधन आपूर्ति का 20 प्रतिशत नियंत्रण करता है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि सेना नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सेंट्रल कमांड ने लिखा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इंटरनेशनल वॉटरवे से गुजरना चाहते हैं।
अमेरिका-ईरान समझौता विफल
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि उसने स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराने के लिए रविवार को शाम 5 बजे ईस्टर्न टाइम पर हमलों का एक नया दौर शुरू किया है। ईरान युद्ध के दौरान हुए सारे फायदे गंवाने के बाद, कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं। पिछले महीने फ्रांस में G7 समिट के दौरान अमेरिका और ईरान ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों का सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने जैसे पॉइंट शामिल थे।
तेल भंडार पर असर का खतरा
हाल ही में हुए हमलों से पहले, शुक्रवार को इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के बयान के मुताबिक, इस हालिया भड़कने से इस साल के आखिर में खत्म हुए तेल के भंडार को फिर से बनाने की कोशिशों पर असर पड़ने का खतरा है। जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक, रविवार को स्ट्रेट से लगभग कोई ट्रैफिक नहीं था, सिर्फ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर चोकपॉइंट के पास आते देखे गए। हालांकि, JMIC ने आगे कहा कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया गया दक्षिणी रूट अभी भी उपलब्ध है।
अमेरिका को ईरान की चेतावनी
ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने ऐलान किया है कि एकतराफा डील का दौर खत्म हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत फिर से शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज ट्रांजिट पर पहले किए गए कमिटमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए और ईरान से तेल एक्सपोर्ट को नॉर्मल करना चाहिए।
