इंदौर: नगर निगम का सालाना बजट महीने के अंत में घोषित होगा. आज एमआईसी की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया है. शहर में सुलभ शौचालय और स्विमिंग पूल के शुल्क वृद्धि करने का भी निर्णय लिया गया है. साथ ही बैठक में नगर निगम की जमीन नहीं बेचने पर सहमति और एमओएस पर राशि वसूली राज्य सरकार के निर्णय पर वसूलने का तय किया गया है.
नगर निगम में आज महापौर परिषद की बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के सालाना बजट को महीने के अंत में घोषित करने का निर्णय लिया है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज बताया कि बजट के लिए सभी एमआईसी सदस्यों ने सुझाव दिए है. बैठक में शहर के छह पार्किंग स्टैंड के टेंडर, सरवटे बस स्टैंड और तुलसीनगर से निपानिया तक सड़क निर्माण कार्य के 13 करोड़ रुपए स्वीकृति दी गई है. छोटा स्टेडियम का नाम छत्रपति शिवाजी के नाम करने का निर्णय लिया गया. महापौर भार्गव ने बताया कि नगर निगम स्वयं स्वामित्व की जमीनों फ्री होल्ड देने पर चर्चा के दौरान उक्त प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने पर सहमति बनी है. शहर में पीपीपी और सीएसआर फंड से सुविधाएं और राजस्व बात हुई है. महापौर ने बताया कि पिछले 25 सालों से स्विमिंग पूल के फीस और सुलभ शौचालय में भी शुल्क वृद्धि का निर्णय लिया गया है.
महापौर निधि पर विचार को कहा
महापौर ने कहा कि नगर निगम एक्ट के तरह बजट में कई तरह की मद में राशि रखने का अधिकार है. एमआईसी और नगर निगम स्व विवेक से किसी मद में राशि रख सकते है और तुरंत निर्णय लेकर कार्य की स्वीकृति राशि जारी कर सकते हैं. राज्य सरकार ने महापौर निधि नहीं रखने का पत्र लिखा है. इसके लिए सरकार से उक्त मामले में निर्णय वापस लेने का कहा है. मुख्यमंत्री को सभी ने मद के डिलीट करने के विषय में जानकारी दी है और उन्होंने इस पर विचार करने का कहा है.
राज्य सरकार ने किया प्रावधान
महापौर भार्गव ने कहा कि शहर में एमओएस की राशि वसूलने के विषय में कोई प्रस्ताव एमआईसी में नहीं रखा गया था. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 2020 में संपत्तिकर नियमों में इसका प्रावधान किया है. उसी अनुसार एमओएस को राशि नगर निगम वसूलने की कारवाई कर रहा है.
