नयी दिल्ली/ तेहरान , 11 जुलाई (वार्ता) ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच जून में यथा स्थिति बनाए रखने पर बनी सहमति का उल्लंघन किया है जबकि ताली दो हाथों से ही बजती है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अगार्ची ने अमेरिका के साथ युद्ध विराम भंग होने के बाद खाड़ी क्षेत्र में फिर छिड़े संग्राम के बीच शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘ ईरान ने अब तक अपनी प्रतिबद्धता निभायी है, जबकि ‘तथाकथित’ अमेरिकी वित्त मंत्री समझौता ज्ञापन (एमओयू) के पैरा 9 का उल्लंघन कर रहे हैं।” उन्होंने इसे अमेरिका द्वारा पहले किये गये अन्य उल्लंघनों और गलत कदमों की कड़ी में एक और उल्लंघन बताते हुए कहा कि वास्तविकता यह है कि अनुपालन केवल पारस्परिक (दोनों पक्षों द्वारा) ही हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि ईरान और अमेरिका के राष्ट्रपतियों द्वारा 19 जून को हुए समझौते के पैरा 9 में कहा गया है, ‘ ईरान का इस्लामी गणराज्य और अमेरिका इस बात पर सहमत हैं कि अंतिम समझौता होने तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखेंगे। इसके तहत: ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में वर्तमान स्थिति बनाये रखेगा तथा अमेरिका ईरान पर कोई नये प्रतिबंध नहीं लगायेगा और न ही क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति या सैन्य बलों को और मजबूत करेगा। ”
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने आठ जुलाई को अंकरा में हुई नाटो की बैठक के मौके पर अलग से संवाददाताओं से ईरान के नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करते हुए उसके साथ बातचीत को समय की बर्बादी बताया और समझौते से हटने की घोषणा कर दी। इसके बाद से दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों पर आक्रमण शुरू कर दिये। श्री ट्रम्प ने शुक्रवार को सोसल मीडिया पर एक नये पोस्ट में कहा कि ईरान ने वार्ता जारी रखने का अनुरोध किया और वह उसके लिए तैयार है। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध विराम लागू नहीं होगा।
