
सिंगरौली । विकासखंड शिक्षा कार्यालय बैढ़न का एक वीडियों वायरल हो रहा है। वीडियों में एक लिपिक एक कथित विद्यालय के संचालक से रिश्वत ले रहा है। वीडियों कितने दिनों पुराना है और रिश्वत देने वाला कौन है? इसका पता नही चल पाया है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि वीडियों बीईओ दफ्तर का है। हालांकि इसकी पुष्टि नवभारत नही करता है।
दरअसल विकासखंड शिक्षा कार्यालय बैढ़न में पदस्थ लिपिक के द्वारा एक व्यक्ति से पहले 500 रूपये फिर इसके बाद 100 रूपये यानी कुल 600 रूपये, इस बात के लिए लिया है कि निजी विद्यालयों के परीक्षा फल भौतिक सत्यापन कर दिया जाएगा, इसमें कोई अड़चने नही आएंगी। इसी बात के लिए सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। आरोप यहां तक है कि जिस वक्त कथित व्यक्ति से रिश्वत लिया जा रहा था, उस दौरान दफ्तर में अन्य कर्मचारी भी थे। रिश्वत लेने के पहले कथित लिपिक तम्बाकू का सेवन करते भी नजर आ रहा है। जबकि सरकार नशामुक्ति अभियान चलाई है। दफ्तर में तम्बाकू नशामुक्ति अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद जोर पकड़ लिया है। चर्चा है कि कथित लिपिक रजमिलान संकुल में पहले पदस्थ था, उस दौरान भी राशि गबन के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी ने उक्त मामले को काफी गंभीरता से लिया है। लिपिक को शोकाज नोटिस जारी कर जांच टीम गठित की हैं।
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इनका कहना:-
संबंधित लिपिक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है और जांच के लिए टीम गठित की गई है। पुष्टि होने पर हर हाल में कार्रवाई की जावेगी।
कविता त्रिपाठी
डीईओ, सिंगरौली।
