ग्वालियर: इंसानियत दिखाना एक टमटम चालक को भारी पड़ गया। जानकारी के मुताबिक, चालक ने अस्पताल पहुंचे एक मरीज को ऑटो से उतरने में मदद की थी। लेकिन मरीज की मौत के बाद पुलिस ने मदद करने वाले उसी चालक को थाने में बैठा लिया।चालक की पत्नी जब अपने पति को छुड़ाने थाने पहुंची तो उसने पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि उसे राहत मिलने के बजाय पुलिसकर्मियों के अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ा।
महिला का कहना है कि पुलिसकर्मी उसके कपड़ों पर टिप्पणी कर रहे थे। वहीं, थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार पर भी महिला से ऊंची आवाज में बात करने और धारा 151 के तहत कार्रवाई की धमकी देने के आरोप लगे हैं।
बताया जा रहा है कि मृतक के परिजनों ने पुलिस को स्पष्ट बयान दिया था कि टमटम चालक ने केवल इंसानियत के नाते मरीज की मदद की थी। इसके बावजूद उसे आरोपियों की तरह थाने में बैठाए रखा गया।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार सड़क हादसों और आपात स्थितियों में मदद करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। ऐसे में इस घटना ने मदद करने वालों की सुरक्षा और पुलिस के रवैये को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
