नयी दिल्ली 11 जुलाई (वार्ता) भारत और न्यूज़ीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड रुपए करने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच ऑकलैंड में शुक्रवार देर रात हुई वार्ता में ये निर्णय लिए गए। दोनों पक्षों ने ‘भारत-न्यूज़ीलैंड रणनीतिक साझेदारी: 2030 के रोडमैप’ को भी अपनाया।
दोनों नेताओं ने भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत किया तथा इसे शीघ्र प्रभावी बनाने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर लगभग 35,000 करोड़ रु तक पहुँचाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया।
दोनों पक्ष नए समुद्री प्रबंधों के माध्यम से रक्षा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को और गहरा करने, नियमित विदेश मंत्रियों के संवाद तथा वार्षिक समुद्री सुरक्षा संवाद स्थापित करने और आतंकवाद-रोधी प्रयासों, साइबर सुरक्षा, कानून प्रवर्तन, शिक्षा, कृषि, पर्यटन, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जलवायु कार्रवाई में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भारत और न्यूज़ीलैंड ने स्वतंत्र, मुक्त, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की। न्यूज़ीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार तथा भारत की स्थायी सदस्यता के प्रति अपना समर्थन दोहराया। दोनों देशों ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने तथा यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए संवाद तथा कूटनीति अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति को दोहराया। दोनों नेताओं ने पिछले पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले तथा लाल किले के निकट हुई आतंकवादी घटना की भी कड़ी निंदा की और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया।
