जाम और हादसों से जूझ रहा बुधनी: ओवरब्रिज से नर्मदा पुल तक राहगीर परेशान, नो एंट्री की उठी मांग

बुधनी। रेलवे ओवरब्रिज से नर्मदा पुल तक का मुख्य मार्ग इन दिनों वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी जमा होने से मार्ग संकरा हो गया है, वहीं मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की बेतरतीब पार्किंग के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है.

नगर को नर्मदापुरम से जोडऩे वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-46 क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है. इस मार्ग पर प्रतिदिन भारी वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है. सड़क किनारे मिट्टी की मोटी परत जम जाने से सड़क की चौड़ाई कम हो गई है, जिससे दो बड़े वाहनों के एक साथ निकलने में परेशानी होती है. नगर के मुख्य मार्ग पर डंपर, ट्रक और अन्य भारी वाहन लंबे समय तक खड़े रहने से आम वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती. खासकर ट्राइडेंट कंपनी के सामने दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतारें लगने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.

नगरवासियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बावजूद भारी वाहन नगर के भीतर से गुजर रहे हैं, जिससे बाजार, स्कूल और रिहायशी क्षेत्रों में जोखिम बढ़ गया है. हाल ही में तालपुरा मार्ग पर डंपर की चपेट में आने से एक मासूम बच्चे और महिला की मौत के बाद लोगों में भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि नगर में पहले की तरह भारी वाहनों के प्रवेश पर नो एंट्री लागू की जानी चाहिए.

इसी समस्या को लेकर नागरिकों ने हाल ही में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बुधनी रेलवे ओवरब्रिज से नर्मदा पुल तक सड़क पर जमी मिट्टी हटाने, ट्राइडेंट कंपनी के सामने भारी वाहनों की पार्किंग पर नियंत्रण, ओवरब्रिज के गड्ढों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार तथा आवारा गौवंश की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है.

 

 

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