जबलपुर: शहर का व्यस्त नेपियर टाउन से हाऊबाग को जोड़ने वाला मार्ग इन दिनों धीरे-धीरे अनौपचारिक मैकेनिक जोन में तब्दील होता जा रहा है। सड़क किनारे संचालित ऑटोमोबाइल रिपेयर और गैराज की कई दुकानों के बाहर मरम्मत के लिए आए दोपहिया वाहन दिनों नहीं, बल्कि कई मामलों में हफ्तों तक सड़क पर ही खड़े रहते हैं। नतीजतन सड़क की उपयोगी चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ता है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब मैकेनिक सड़क पर ही जैक लगाकर वाहन खोलना शुरू कर देते हैं। इंजन, टायर, ऑटो पार्ट्स और उपकरण सड़क तक फैले रहते हैं, जिससे अन्य वाहनों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती।
दुर्घटना का बना रहता है खतरा
कई बार मरम्मत के दौरान वाहन आधी सड़क घेर लेते हैं, जिससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, एम्बुलेंस और कार्यालय आने-जाने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। दोपहिया वाहन चालकों को बड़े वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। लंबे समय से सड़क किनारे वाहनों की मरम्मत और पार्किंग का सिलसिला जारी है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। नागरिकों का आरोप है कि कई दुकानदार सार्वजनिक सड़क को अपनी कार्यशाला का विस्तार मानकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि सड़क आम लोगों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए बनी है। व्यापारिक गतिविधियों के चलते इस मार्ग पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। ऐसे में सड़क पर खड़े खराब वाहनों और मरम्मत कार्य के कारण जाम की स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
आए दिन होता है विवाद
कई बार वाहन चालकों के बीच विवाद की नौबत भी आ जाती है। राहगीरों का कहना है कि यदि सड़क के किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े करने और सार्वजनिक मार्ग पर मरम्मत कराने पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। शहरवासियों ने नगर निगम, यातायात पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर सड़क पर कब्जा कर मरम्मत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकानों को निर्देश दिए जाएं कि मरम्मत कार्य केवल अपने परिसर के भीतर ही करें और सार्वजनिक सड़क को पार्किंग या वर्कशॉप के रूप में उपयोग न करें। लोगों का कहना है कि नियमित अभियान और कड़ी निगरानी से ही इस महत्वपूर्ण मार्ग को जाम और अव्यवस्था से मुक्त कराया जा सकता है।
