नई दिल्ली, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए सेंट्रल ऑटोनॉमस बॉडीज के कर्मचारियों को निवेश के दो अतिरिक्त विकल्प प्रदान किए हैं। अब तक केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों तक सीमित ‘एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड’ और ‘बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड’ की सुविधा अब इन पात्र कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सब्सक्राइबर्स को उनकी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अधिक विकल्प और लचीलापन प्रदान करना है।
नए फंड विकल्पों की प्रमुख विशेषताएं
नए नियमों के तहत ‘LC-75-High’ (एग्रेसिव लाइफ साइकिल फंड) में इक्विटी एक्सपोजर की अधिकतम सीमा 75 प्रतिशत तक तय की गई है, जो उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो अधिक रिटर्न के लिए थोड़ा अधिक जोखिम उठाने को तैयार हैं। वहीं, ‘बैलेंस्ड लाइफ साइकिल फंड’ में इक्विटी हिस्सेदारी अधिकतम 50 प्रतिशत तक सीमित रखी गई है, जिसमें 45 वर्ष की आयु के बाद धीरे-धीरे इक्विटी घटाकर निवेश को स्थिरता प्रदान की जाती है। यह उन कर्मचारियों के लिए बेहतरीन है जो सुरक्षित निवेश और संतुलित ग्रोथ को प्राथमिकता देते हैं।
वित्त मंत्रालय के निर्देश और कार्यान्वयन
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 1 जुलाई 2026 को इस संबंध में एक आधिकारिक मेमोरैंडम जारी किया है, जिसके माध्यम से ऑटोनॉमस बॉडीज के लिए इन निवेश विकल्पों को लागू किया गया है। सभी प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीन आने वाले संस्थानों और पात्र सब्सक्राइबर्स के बीच इन नए विकल्पों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। सरकार की यह पहल कर्मचारियों को अपने भविष्य को बेहतर ढंग से सुरक्षित करने और पेंशन फंड के लाभ को अधिकतम करने में मदद करेगी।

