नई दिल्ली, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा आगामी 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आयोजित करने जा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर हरिवंश सिंह और संरक्षक कृपा शंकर सिंह के मार्गदर्शन में होने वाली इस बैठक में देशभर के पदाधिकारी और युवा प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के सामने आने वाली वर्तमान चुनौतियों, विशेष रूप से शिक्षा नीति और राजनीतिक भागीदारी पर एक साझा और ठोस रणनीति तैयार करना है।
यूजीसी कानून और प्रमुख मांगें
बैठक का मुख्य एजेंडा नई यूजीसी (UGC) व्यवस्था का विरोध करना है। संगठन का तर्क है कि नई व्यवस्था में योग्यता के बजाय श्रेणी को प्राथमिकता देने से मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। इसके अतिरिक्त, महासभा ने केंद्र सरकार और संघ प्रमुख मोहन भागवत को ज्ञापन भेजकर राजपूत समाज के घटते राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल और विधायी सदनों में समाज के लिए उचित भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
ऐतिहासिक योगदान और भविष्य की रणनीति
संगठन ने अपने पत्र में देश के निर्माण और रक्षा में राजपूत समाज के ऐतिहासिक बलिदानों को रेखांकित किया है। महासभा ने राष्ट्र निर्माण में समाज के योगदान को याद दिलाते हुए आह्वान किया है कि राष्ट्रवादी शक्तियों को एकजुट होने की आवश्यकता है। यह बैठक केवल समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखने और भविष्य में समाज की दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक मंच के रूप में देखी जा रही है।

