राजगढ़: राजगढ़-ब्यावरा मार्ग पर ग्राम बावड़ी के समीप निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास का कार्य लंबे समय से धीमी गति से चल रहा है. करीब एक वर्ष पहले शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में अब तक केवल एक तरफ की पुलिया का निर्माण ही पूरा हो पाया है. अंडरपास के निर्माण में विलंब से छ: माह तक रामगंजमंडी ट्रेन ब्यावरा आने में लेट हो सकती है.
उल्लेखनीय है कि लोहे के सेक्शन (गर्डर) स्थापित करने, स्टील वर्क सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य पिछले कई महीनों से लगभग ठप पड़े हैं. ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि जब एक हिस्से का निर्माण ही एक साल में पूरा नहीं हो सका, तो मार्च 2027 की निर्धारित समय-सीमा तक पूरा अंडरपास और दूसरी ओर का निर्माण कैसे पूरा होगा.
इस स्थान पर रामगंज मंडी–भोपाल रेल परियोजना के तहत रेलवे लाइन को अंडरपास से निकाला जाना है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग का यातायात ऊपर बनने वाले पुल से संचालित किया जाएगा. निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से यातायात को वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया था, लेकिन लंबे समय से काम की रफ्तार धीमी रहने से लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है.
मार्च 2027 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य
रामगंज मंडी-भोपाल रेल परियोजना के ब्यावरा खंड का कार्य मार्च 2027 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है. राजगढ़ तक रेलवे लाइन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और सीआरएस सर्वे भी हो चुका है. लेकिन बावड़ी के समीप अंडरपास का निर्माण अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है. अब समय-सीमा पूरी होने में महज आठ महीने शेष हैं. ऐसे में दूसरी ओर के निर्माण सहित पूरे अंडरपास का कार्य निर्धारित समय में पूरा होना बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
निर्माण कार्य के चलते इस रेलवे क्रॉसिंग पर पिछले लगभग एक वर्ष से यातायात वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है। रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन डायवर्ट सडक़ से आवागमन करने के कारण यात्रियों को अतिरिकट समय, धूल और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य समयबद्ध गति से होता तो अब तक यह परेशानी समाप्त हो सकती थी.
रेल्वे का जवाब, डीजल उपलब्ध नहीं है
निर्माण कार्य बंद नहीं है, बल्कि धीमी गति से चल रहा है. सीमित मात्रा में डीजल उपलब्ध होने तथा वर्षाकाल के कारण कार्य प्रभावित हुआ है. ब्यावरा तक परियोजना को मार्च 2027 की निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य है.
इंजी. सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल
वाणिज्य प्रबंधक, कोटा मण्डल, पमरे
